सेंसेक्स 80,000 के पार, 40k से 80k तक पहुंचने में लगे 5 साल, जानें- इसके पूर्व कैसा रहा सेंसेक्स का सफर?

Sensex on All Time High: बुधवार को सेंसेक्स ने 80 हजार के लेवल को पार करके एक नया इतिहास रच दिया. आइए, यहां पर समझते हैं कि शुरआत से लेकर आज तक कैसी रही है सेंसेक्स की यात्रा?

Published date india.com Updated: July 4, 2024 2:31 PM IST
सेंसेक्स 80,000 के पार, 40k से 80k तक पहुंचने में लगे 5 साल, जानें- इसके पूर्व कैसा रहा सेंसेक्स का सफर?

Sensex All time High: लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक एक माह के बाद, बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बुधवार को इंट्राडे ट्रेड के दौरान पहली बार 80,000 अंक के पार चला गया. गवर्नमेंट पॉलिसीज के कांटीन्यू की उम्मीद, हायर इकोनॉमिक डेवलपमेंट पूर्वानुमान और घरेलू फंड की तरफ से भारी खरीद जैसे कई फैक्टर्स से मार्केट (Share Market) में तेजी के उत्साह को बल मिला है. इसकी वजह से इंडेक्स को 10,000 अंक जोड़ने में लगभग सात महीने यानी कुल 139 कारोबारी सत्र लगे.

बुधवार को 80k को किया पार

बुधवार को सेंसेक्स 545.35 अंक या 0.69 प्रतिशत उछलकर 79,986.8 पर बंद हुआ. इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान यह 632.85 अंक बढ़कर 80,074 की नई ऊंचाई पर पहुंच गया. निफ्टी 50 में 162.65 अंक या 0.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 24,286.5 के ऑलटाइम हाई लेवल पर बंद हुआ.

बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों ने बढ़ाया बाजार

बुधवार को डोमेस्टिक इंडेक्स में उछाल बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों ने बढ़ावा दिया, जिसमें फाइनेंशियल सेक्टर की प्रमुख भूमिका रही. एमएससीआई की अगस्त समीक्षा में एचडीएफसी बैंक के वेट में वृद्धि के कारण इसके शेयरों में उछाल आया. साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों और बैंकिंग शेयरों में उछाल ने भी धारणा को मजबूत किया.

10,000 के आंकड़े को पार करने में लगे 20 साल

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सेंसेक्स को जनवरी 1986 में लॉन्च किया गया था, जिसको 10,000 के लेवल पर पहुंचने में बीस साल लगे थे. सेंसेक्स ने 6 फरवरी, 2006 को इंट्राडे कारोबार के दौरान पहली बार 10,000 के लेवल को क्रास किया था. लेकिन एक साल बीतने से पहले ही 5 नवंबर, 2007 को इंडेक्स ने 20,000 का लेवल क्रॉस किया और 5 जुलाई, 2019 को इंट्राडे ट्रेड के दौरान 40,000 का स्तर पार किया. सेंसेक्स को 40,000 से 80,000 तक पहुंचने में पांच साल लग गए.

 कैसा रहा सेंसेक्स का सफर?
सेंसेक्स                    कितना लगा समय
10,000-20,000              1 साल 9 माह
20,000-40,000             11 साल 8 माह
40,000-80,000             5 साल

70k से 80k तक पहुंचाने इनकी रही बड़ी भूमिका

जानकारों के मुताबिक, सेंसेक्स में पिछले 10,000 अंकों की बढ़ोतरी में रियल्टी, पीएसयू, ऑटो, पावर, कैपिटल गुड्स और मेटल शेयरों ने सबसे ज्यादा योगदान दिया, जबकि एफएमसीजी, बैंक और आईटी सेक्टर ने सकारात्मक होने के बावजूद खराब प्रदर्शन किया.

बीते सात माह में 14 फीसदी से ज्यादा चढ़ा सेंसेक्स

पिछले सात महीनों में, सेंसेक्स में 14.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, बीएसई 100, बीएसई स्मॉलकैप और बीएसई मिडकैप में क्रमशः 18.76 प्रतिशत, 29.1 प्रतिशत और 31.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

रीटेल इन्वेस्टर्स की भूमिका अहम

बीते कुछ वर्षों में भारतीय इक्विटी में देखी गई तेजी रीटेल इन्वेस्टर्स की बढ़ती भागीदारी से प्रेरित है, जिसे मजबूत आर्थिक विकास आउटलुक और वैल्यूएशन से बढ़ावा मिला है. ये निवेशक सीधे और म्यूचुअल फंड रूट के माध्यम से भी निवेश कर रहे हैं.

क्या कहते हैं सेबी के आंकड़े?

सेबी के मासिक आंकड़ों पर वजर डालें तो अप्रैल 2024 के अंत में, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के साथ 3.6 करोड़ और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL) (भारत) के साथ 11.8 करोड़ डीमैट खाते रजिस्टर्ड किए गए थे. म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या भी महीने दर महीने बढ़ रही है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों से पता चलता है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में नेट फ्लो माह-दर-माह 83 प्रतिशत बढ़कर मई में 34,697 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि अप्रैल में यह 18,917.09 करोड़ रुपये था. मई में, व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) का योगदान 20,904 करोड़ रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया.

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