मुंबई: कमजोर विदेशी संकेतों और घरेलू निवेशकों में बजटीय प्रस्तावों को लेकर निराशाजनक रुझानों के कारण भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख जारी रहा. निफ्टी भी 252.55 अंकों यानी 2.14 फीसदी गिरावट के साथ 11,558.60 पर बंद हुआ. इससे पहले कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा लुढ़का और एनएसई के प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी में भी 288 अंकों की गिरावट आई. केंद्रीय बजट के प्रभाव और अमेरिका में ब्याज में कटौती की संभावनाएं कमजोर होने से वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बीच सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 793 अंकों का गोता लगा गया. नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 250 अंक से अधिक की गिरावट आई.

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 907 अंक नीचे चला गया था. हालांकि, बाद में यह थोड़ा उबरकर 792.82 अंक यानी 2.01 फीसदी की गिरावट के साथ 38,720.57 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 252.55 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 11,558.60 अंक पर बंद हुआ.

अमेरिका में पिछले सप्ताह जॉब डेटा मजबूत आने से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना कम होने से एशियाई बाजारों में नकरात्मक रुझान रहा. इसके अलावा, पिछले सप्ताह शुक्रवार को संसद में पेश किए गए आम बजट 2019-20 के प्रावधानों को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बरकरार है, जिसके कारण घरेलू शेयर बाजार में नकारात्मक रुझान देखने को मिला.

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) को दिए गए ऋण में 3,800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आने के बाद पीएनबी के शेयर में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी, एनटीपीसी, हीरो मोटोकॉर्प और मारुति के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली. हालांकि, येस बैंक, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयरों में 5.56 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली.

कारोबारियों के मुताबिक बजट 2019-20 में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने, विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों एवं अमीरों पर कर बढ़ाने वाले प्रस्तावों से निवेशकों की धारणा कमजोर रही.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी भी सत्र के आरंभ में पिछले सत्र के मुकाबले कमजोरी के साथ 11,770.40 पर खुला और 11,771.90 तक उठा. मगर भारी बिकवाली के कारण निफ्टी पिछले सत्र से 252.55 अंकों यानी 2.14 फीसदी गिरावट के साथ 11,558.60 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 11,523.30 रहा.

बीएसई का मिड-कैप सूचकांक पिछले सत्र से 293.12 अंकों यानी 1.99 फीसदी गिरावट के साथ 14,432.53 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉल-कैप सूचकांक 347.30 अंकों यानी 2.46 फीसदी गिरावट के साथ 13,794.53 पर बंद हुआ.

बीएसई के सभी 19 सेक्टरों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट पूंजीगत वस्तुएं (3.78 फीसदी), रियल्टी (3.50 फीसदी), ऑटो (3.14 फीसदी), बिजली (3.10 फीसदी) और औद्योगिक सेक्टर के सूचकांक (3.03 फीसदी) में रही.

वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के समाचारों का भी स्थानीय शेयरों पर असर पड़ा. अमेरिका में रोजगार के ताजा आंकड़े उम्मीद से बेहतर है. इससे आगामी बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज में बड़ी कटौती की उम्मीद धूमिल हो गई है. अमेरिका में ब्याज दर ऊंची होने से विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से धन निकाल कर अमेरिकी बांड बाजार में लगाने को आकर्षित हो सकते हैं.

इसका खासकर चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजारों पर असर पड़ा. एशियाई बाजारों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 2.58 प्रतिशत, हैंगसेंग 1.54 फीसदी, निक्की 0.98 प्रतिशत और कोस्पी 2.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में नुकसान में चल रहे थे.