मुंबई: अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने से सोमवार को दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली का जोर रहा. इसके परिणामस्वरूप बंबई शेयर बाजार में भी बिकवाली निकलने से सेंसेक्स 5.94 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 2,002.27 अंक लुढ़क गया. उतार- चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक सोमवार को 2002.27 अंक यानी 5.94 प्रतिशत गिरकर 31,715.35 अंक पर बंद हुआ. Also Read - राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, अमेरिका में चाइनीज एयरलाइन्स पर लगाई रोक, 16 जून से नहीं मिलेगी एंट्री

इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी सूचकांक भी 566.40 अंक यानी 5.74 प्रतिशत गिरकर 9,293.50 अंक रह गया. सेंसेक्स में शामिल शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा नुकसान वाला शेयर रहा. इसमें 10 प्रतिशत से अधिक गिरावट आ गई. इसके बाद बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक और मारुति के शेयरों में भी गिरावट रही. Also Read - World Environment Day 2020 : पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या करता है भारत और उसका पड़ोसी देश चीन, पढ़ें यहां

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर इस दौरान दो प्रतिशत घट गया. कंपनी ने गत बृहस्पतिवार को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के परिणाम जारी किये जिसमें कंपनी ने अब तक किसी एक तिमाही में मुनाफे में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की. जनवरी से मार्च 2020 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 37 प्रतिशत घटकर 6,546 करोड़ रुपये रहा. Also Read - World Enviorment Day 2020: ये शहर हैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित, जानें यहां क्यों बने ऐसे हालात

इस बीच दुनिया की प्रौद्योगिकी कंपनियों में निवेश करने वाली बड़ी कंपनियों में शामिल सिल्वर लेक ने जियो प्लेटफार्म में 5,655.75 करोड़ रुपये का निवेश कर 1.15 प्रतिशत इक्विटी खरीदने की घोषणा की है. इसी प्रकार बीएसई के सूचकांक में भारती एयरटेल और सन फार्मा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे.

आनंद राठी में इक्विटी शोध के प्रमुख नरेन्द्र सोलंकी ने कहा कि एशियाई बाजारों से संकेत लेते हुये घरेलू बाजारों में भी कारोबार की शुरुआत नरमी के साथ हुई. अमेरिका द्वारा कोविड-19 को लेकर किये जा रहे दावों से एक बार फिर चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध शुरू होने की आशंका जताई जा रही है.

आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफक्चरिंग खरीद प्रबंधकों (पीएमआई) के अप्रैल माह के आंकड़े से भी बाजार में धारणा कमजोर रही. अप्रैल 2020 में भारत के मामले में यह सूचकांक 27.4 अंक रहा है जबकि मार्च में यह 51.8 पर था. यह इस सूचकांक में पिछले 15 सालों के दौरान सबसे बड़ी गिरावट है.

सरकार ने कोविड- 19 के मद्देनजर लॉकडाउन को 17 मई तक के लिये बढ़ा दिया है. हालांकि, इस दौरान भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 1,373 तक पहुंच गया है. कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 42,533 तक पहुंच गई है. वहीं दुनियाभर में 35 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हुये हैं और करीब ढाई लाख लोगों की मौत हुई है.