मुंबई: शेयर बाजार सोमवार को भारी बिकवाली दबाव में रहे तथा सेंसेक्स 714 अंक टूट गया. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल (मतदान बाद सर्वेक्षण) में सत्ताधारी बीजेपी को कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना और प्रमुख एशियायी सूचकांकों में गिरावट को देखते हुए निवेशकों ने घबराहटपूर्ण बिकवाली की. रुपए की कमजोरी और कमजोर वैश्विक रुख से यहां धारणा और खराब हुई.

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 713.53 अंक या करीब दो प्रतिशत टूटकर 35,000 अंक से नीचे 34,959.72 अंक पर आ गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 205.25 अंक या 1.92 प्रतिशत के नुकसान से 10,488.45 अंक पर आ गया.  इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को 817.40 करोड़ रुपए के शेयर बेचे. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 242.56 करोड़ रुपए की लिवाली की.

मतदान बाद सर्वे में कांग्रेस को राजस्थान में सरकार बनाते दिखाया गया है. वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला बताया गया है. इससे घरेलू बाजार प्रभावित हुआ.

अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में कारोबार के दौरान रुपया टूटकर 71.44 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर आ गया. इससे भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई. बीएसई और एनएसई पर रीयल्टी, बैंकिंग, धातु, फार्मा और वित्तीय कंपनियों सहित सभी वर्गों के शेयर नुकसान में रहे.

कोटक बैंक के शेयर में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई. बैंक ने कहा है कि उसने रिजर्व बैंक द्वारा बैंक के तरजीही शेयरों के जरिये प्रवर्तकों की हिस्सेदारी घटाने के फैसले को चुनौती दी है. अगस्त में बैंक के संस्थापक एवं प्रवर्तक उदय कोटक ने तरजीही शेयरों के जरिए अपनी हिस्सेदारी को 30 से घटाकर 19.70 किया था. इसके कुछ दिन बाद रिजर्व बैंक ने कहा था कि कोटक द्वारा हिस्सेदारी घटाना नियामकीय नियमों को पूरा नहीं करता.

अन्य कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर्स, अडाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सनफार्मा, एलएंडटी, पावरग्रिड, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक और बजाज आटो के शेयर चार प्रतिशत तक टूट गए. सेंसेक्स के 30 शेयरों में सिर्फ कोल इंडिया और मारुति ही 0.79 प्रतिशत तक चढ़े.