मुंबई :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 177.77 अंकों यानी 0.30 फीसदी की गिरावट के साथ 39,714.20 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 23.10 अंक यानी 0.19 फीसदी फिसलकर 11,922.80 पर रहा. नए मंत्रिमंडल में पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को वित्तमंत्री बनाया गया है. उनको कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का जिम्मा भी सौंपा गया है.

हालांकि कारोबार के आरंभ में दोनों संवेदी सूचकांकों में जोरदार तेजी देखी गई और ये अपनी रिकॉर्ड ऊंचाइयों के करीब पहुंच गए, दोपहर बाद के सत्र के दौरान बीएसई संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 40,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से फिसलकर नीचे आ गया. वहीं, एनएसई का संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 12,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिर गया.

कारोबार के आंरभ में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले तेजी के साथ 39,998.91 पर खुला और 40,122.34 तक उछला. इससे पहले सेंसेक्स 23 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान आए रुझानों से उत्साहित होकर 40,124.96 तक उछला था जोकि इसका रिकॉर्ड उंचा स्तर है. कारोबार के दौरान सेंसेक्स रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया, हालांकि इसका निचला स्तर 39,374.24 रहा.

नेशनल स्टॉक एसक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह तेजी के साथ 11,999.80 पर खुला और करोबार के दौरान 12,039.25 तक उछला जबकि निचला स्तर 11,829.45 रहा. पिछले सत्र में निफ्टी 11,945.90 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी सर्वाधिक उंचा स्तर 12,041.15 का 23 मई को छुआ था.

बीएसई मिड-कैप सूचकांक तेजी के साथ बंद हुआ जबकि स्मॉल-कैप सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई. मिड-कैप सूचकांक पिछले सत्र के मुकाबले 34.83 अंकों यानी 0.23 फीसदी की तेजी के साथ 15,096.18 पर बंद हुआ जबकि स्मॉल कैप सूचकांक 97.11 अंकों यानी 0.65 फीसदी की गिरावट के साथ 14,867.04 पर बंद हुआ.

बीएसई के 19 सेक्टरों के सूचकांकों में से 13 में गिरावट दर्ज की गई जबकि छह में तेजी रही. सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टरों में पावर (1.26 फीसदी), मेटल (1.07 फीसदी), एफएमसीजी (1.03 फीसदी), युटिलिटी (0.76 फीसदी) और ऑटो (0.70 फीसदी) व बेसिक मैटेरियल्स सेक्टर (0.70 फीसदी) शामिल रहे. सर्वाधिक तेजी वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.19 फीसदी), टेक (1.07 फीसदी), तेल व गैस (0.88 फीसदी), दूरसंचार (0.38 फीसदी) और ऊर्जा (0.27 फीसदी) शामिल रहे.