नई दिल्‍ली: कंपनी कर में कटौती और कारोबार तथा निवेश को प्रोत्साहन देने की वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण की शुक्रवार को की गई नई घोषणाओं का उद्योग जगत, शेयर बाजार और विशेषज्ञों ने जोरदार स्वागत किया है. नए आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद सेंसेक्स करीब दो बजे 2046 अंक की तेजी के साथ 38,140.23 अंक पर पहुंच गया. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 613.10 अंक चढ़कर 11,317.90 अंक पर पहुंच गया.

विशेषज्ञों ने कहा कि इससे आर्थिक वृद्धि और निवेश में तेजी आएगी. वित्त मंत्री ने नरमी को दूर करने के लिए पिछले कुछ सप्ताह
के अंदर चौथी बार प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है. इनमें सबसे जोरदार बताए जा रहे ताजा पैकेज की सुबह गोवा में की गई
घोषणा के बाद शेयर बाजार झूम उठे. बीएसई का प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स करीब दो बजे 2046 अंक उछल कर 38,140.23 अंक पर पहुंच गया था.

कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उदय कोटक ने ट्विटर पर लिखा, कंपनी कर को घटाकर 25 प्रतिशत पर लाना एक बड़ा सुधार है. यह साहसिक और प्रगतिशील कदम है. भारतीय कंपनियों को कर की कम दर वाले अमेरिका जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला है. यह संकेत देता है कि हमारी सरकार आर्थिक वृद्धि और कानूनी रूप से कर नियमों का अनुपालन करने वाली कंपनियों की मदद के लिये प्रतिबद्ध है.

बॉयोकॉन की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण की सराहना की. उन्होंने ट्वीट
किया, कंपनी कर की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 25.2 प्रतिशत करने से वृद्धि को गति मिलेगी. यह बड़ा कदम है जिससे वृद्धि और
निवेश में तेजी आएगी. इस साहसिक पर जरूरी कदम उठाने को लेकर मैं निर्मला सीतारमण की सराहना करती हूं.’’

अशोक महेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी के भागीदार अमित महेश्वरी ने कहा, …इससे भारत में एफडीआई आकर्षित करने और
विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. लाभांश वितरण कर समाप्त करने और लाभंश पर पुरानी तरीके से कर लगाने की घोषणा
स्वागत योग्य है.

नए आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद सेंसेक्स करीब दो बजे 2046 अंक की तेजी के साथ 38,140.23 अंक पर पहुंच गया. नेशनल
स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 613.10 अंक चढ़कर 11,317.90 अंक पर पहुंच गया.

सरकार ने शुक्रवार को घरेलू कंपनियों के लिए कंपनी कर की प्रभावी दर कम कर 25.17 प्रतिशत कर दी. इसमें सभी उपकर और
अधिभार शामिल हैं. उद्योग मंडल सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा, बिना किसी छूट कंपनी कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने की उद्योग की मांग लंबे समय से रही है. यह अप्रत्याशित और साहसिक कदम है.’’

पीडब्ल्यूसी इंडिया के भागीदारी और कंपनी तथा अंतरराष्ट्रीय कर मामलों के प्रमुख फ्रैंक डीसूजा ने कहा, कंपनी कर में कटौती से
भारत नये निवेश के लिये आकर्षक बनेगा. साथ ही सीएसआर योगदान में बदलाव तथा पुनर्खरीद कर से छूट उद्योग की पुरानी
चिंताएं दूर होंगी. इससे शोध एवं विकास में कोष प्रवाह बढ़ेगा.