Share market: वैश्विक बाजारों (Global market) से मिले कमजोर संकेतों और महीने के आखिरी कारोबारी दिन में ऊपरी स्तरों से बिकवाली के दबाव में आज शेयर बाजार में कोहराम मच गया. सेंसेक्स 1,939 अंकों की गिरावट के साथ 49.099 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी 587 अंकों की गिरावट के साथ 14,510 के स्तर पर बंद हुआ. Also Read - Share market: जिन कंपनियों के नाम में जुड़ा है 'ऑक्सीजन', आसमान पर पहुंचे उनके शेयरों के भाव, जानिए- क्या है पूरा मामला?

शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली आते हुए दिखाई दी. दरअसल, अमेरिका द्वारा सीरिया पर एयर स्ट्राइक किए जाने से शेयर बाजार सहम गया और ग्लोबल मार्केट में गिरावट आते हुए दिखाई दी. ग्लोबल बाजारों में तेज बिकवाली आई है. एशियाई बाजार 3 से 4 फीसदी नीचे हैं. डाओ फ्यूचर्स 100 अंक नीचे कारोबार करते हुए देखे गई हैं. यूरोपीय बाजार भी कमजोर खुले हैं. अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 1 साल की ऊंचाई पर पहुंचने से बाजार में घबराहट बढ़ी है. Also Read - Explained: कोरोना के बढ़ते केस हैं शेयर बाजार में गिरावट के कारण या कुछ और, जानिए- यहां

शेयर बाजार में 10 महीने की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है. NIFTY 500 तो बैंक निफ्टी (Bank Nifty) 1,600 प्वाइंट फिसल गया. निफ्टी-50 के सभी शेयरों में आज गिरावट दर्ज की गई. सभी शेयर लाल निशान पर बंद हुए. बीएसई पर हीरो मोटो कॉर्प के शेयरों में जोरदार गिरावट आते हुए देखी गई. महिंद्रा फायनेंस और महाराष्ट्र बैंक में भी जोरदार गिरावट आते हुए देखी गई. Also Read - Stock market update: शेयर बाजार पर बरपा कोरोना का कहर, 1300 अंक फिसला सेंसेक्स

बाजार की इस भारी गिरावट में निवेशकों के 6 लाख करोड़ एक दिन में ही डूब गए. 25 फरवरी को बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2,06,18,471.67 करोड़ रुपये था. जबकि 26 फरवरी को यह घटकर 2,00,64,472.99 करोड़ रुपये रह गया.

जानें- बान्ड यील्ड (Bond Yield) बढ़ने से मार्केट में क्यों आती है गिरावट?

सामान्यतया यह देखा जाता है कि जब-जब बॉन्ड यील्ड में उछाल आता है, तो इक्विटी मार्केट पर दबाव बढ़ जाता है. हाल के दिनों में भी ऐसा नजारा देखने को मिला है. कई बार शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का कारण बॉन्ड यील्ड ही बना. लगातार पांच कारोबारी सत्रों में शेयर बाजार में गिरावट आई. वहीं, दूसरी ओर बेंचमार्क 10 ईयर गवर्नमेंट बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.20 फीसदी हो गई. बॉन्ड यील्ड और मार्केट में कनेक्शन पर नजर डालें तो साफ होता है कि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से लोग शेयर बाजार से पैसे निकलकर बांड में डालने लगते हैं.