Share Market Turmoil: छह दिनों की गिरावट से मार्केट में भूचाल, निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

Share Market Crash: पिछले छह सत्रों में सेंसेक्स 2,400 अंक गिरा, जिससे निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपये डूब गए. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण मार्केट दबाव में है, हालांकि बैंकिंग शेयरों में मामूली सुधार दिखा.

Published date india.com Published: February 13, 2025 9:05 AM IST
Share Market Turmoil: छह दिनों की गिरावट से मार्केट में भूचाल, निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

Share Market Crash: पिछले छह कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के करीब 18 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. वैश्विक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आर्थिक चिंताओं के चलते मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव जारी है. इस गिरावट के कारण बीएसई सेंसेक्स 3.07% कमजोर हो चुका है.

सेंसेक्स 76,000 के करीब, आखिरी घंटे में दिखी रिकवरी

बुधवार को सेंसेक्स कारोबार के दौरान 905 अंक तक टूट गया, लेकिन आखिरी घंटे में बैंकिंग शेयरों में सुधार से कुछ रिकवरी देखने को मिली. इसके बावजूद, इंडेक्स 122.52 अंक यानी 0.16% गिरकर 76,171.08 पर बंद हुआ.

छह दिनों में सेंसेक्स में 2,400 अंकों की गिरावट

अगर पिछले छह दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेंसेक्स 2,412.73 अंक टूट चुका है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है. इस गिरावट का सीधा असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी पड़ा है, जिससे मार्केट में दहशत का माहौल बना हुआ है.

18 लाख करोड़ रुपये की पूंजी स्वाहा

इस लगातार गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट पूंजीकरण 18,04,418 करोड़ रुपये घटकर 4,07,46,408.11 करोड़ रुपये रह गया है. इसका मतलब यह है कि निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई है.

एफआईआई की बिकवाली बनी सबसे बड़ी वजह

शेयर मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 4,486.41 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. लगातार बिकवाली से मार्केट में कमजोरी बनी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेशी निवेशकों की निकासी जारी रही, तो मार्केट में और गिरावट देखने को मिल सकती है.

ग्लोबल फैक्टर्स से मार्केट पर दबाव

मार्केट पर वैश्विक कारकों का भी असर दिख रहा है. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की चिंताएं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

आगे क्या? निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका भी हो सकता है. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को घबराने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में खरीदारी करनी चाहिए. हालांकि, मार्केट में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.

गौरतलब है कि भारतीय शेयर मार्केट में जारी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है. हालांकि, मार्केट में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है, और लंबी अवधि में मजबूत आर्थिक संकेतकों के चलते रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.