नयी दिल्ली: पूंजी बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को कहा कि एक अप्रैल से सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों का हस्तांतरण केवल डिमैट (डिमैटेरियलाइज्ड) रूप में ही किया जा सकेगा. हालांकि, निवेशकों पर भौतिक रूप में शेयर रखने पर पाबंदी नहीं होगी.

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनमय बोर्ड (सेबी) ने दिसंबर 2018 में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को केवल डिमैट रूप में ही हस्तांतरित करने के लिये समयसीमा बढ़ाकर एक अप्रैल कर दी थी. अब इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय किया गया है. शेयरों को अनिवार्य रूप से डिमैट रूप में हस्तांतरण का निर्णय मार्च 2018 में किया गया था. सेबी ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि यह प्रावधान एक अप्रैल 2019 से अमल में आ जायेगा. डिमैट रूप में शेयरों को रखे जाने से कंपनियों में शेयरधारिता के रिकार्ड को पारदर्शी बनाये रखने में मदद मिलेगी.

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नियामक ने हालांकि यह भी कहा कि निवेशकों के अपने पास शेयरों को भौतिक रूप में रखने पर पाबंदी नहीं होगी. हालांकि, अगर कोई निवेशक भौतिक रूप में रखे शेयरों को हस्तांतरित करना चाहता है तो एक अप्रैल 2019 के बाद ऐसा शेयरों के डिमैट रूप में होने के बाद ही किया जा सकेगा.