आपकी चांदी की पायल असली है या नकली? घर में पड़े इन 2 चीजों से करें प्योरिटी की टेस्टिंग

चांदी जैसी दिखने वाली कोई भी जूलरी 100% शुद्ध चांदी से नहीं बनी होता है. ऐसा करना मुमकिन भी नहीं होता है. क्योंकि चांदी भी सोने की तरह अपने आप में बहुत नरम धातु है, इसलिए जूलरी बनाने के लिए शुद्ध चांदी का इस्तेमाल करना कठिन है.

Published date india.com Published: December 4, 2025 11:12 PM IST
आपकी चांदी की पायल असली है या नकली? घर में पड़े इन 2 चीजों से करें प्योरिटी की टेस्टिंग
6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड देखकर ही सिल्वर जूलरी खरीदें.

भारत में सोना-चांदी को इंवेस्टमेंट कम, इमोशन से ज्यादा जोड़कर देखा जाता है. भारतीय समाज में सोने और चांदी के गहने सभ्यता के प्रतीक भी हैं. दुनिया में भारतीय महिलाएं सबसे ज्यादा सोना पहनती हैं. भारतीय महिलाओं के पास करीब 24,000 टन सोना है. यह दुनिया के कुल सोने के भंडार का 11% है.वहीं, भारतीय महिलाएं सोने के साथ-साथ चांदी के जेवर भी खूब खरीदती हैं. चांदी की बनी पायल,अंगूठी, बिछिया, इयररिंग्स और ब्रेसलेट की खूब मांग रहती है.

काली क्यों पड़ जाती है चांदी?
कई बार सोना, हीरा तो छोड़िए, चांदी खरीदते समय भी ठगी का शिकार कुछ लोग हो जाते हैं. मिलावट होने के कारण चांदी तुरंत ही काली पड़ने लगती है, खराब हो जाती है. ऐसे में चांदी खरीदते समय कुछ टिप्स और टेस्ट को ट्राई करें, ताकि इसकी शुद्धता की पहचान आप आसानी से कर सके.

100% चांदी के नहीं बन सकते जेवर
चांदी जैसी दिखने वाली कोई भी जूलरी 100% शुद्ध चांदी से नहीं बनी होता है. ऐसा करना मुमकिन भी नहीं होता है. क्योंकि चांदी भी सोने की तरह अपने आप में बहुत नरम धातु है, इसलिए जूलरी बनाने के लिए शुद्ध चांदी का इस्तेमाल करना कठिन है. चांदी के गहनों में अक्सर तांबा, जिंक और स्टर्लिंग मिलाया जाता है.

मैग्नेट टेस्ट
चांदी का पायल असली है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए इसपर चुंबक लगाकर देखें. ध्यान रखें कि चुंबक पर चांदी चिपकना या थोड़ा भी आकर्षित नहीं होना चाहिए. अगर चुंबक घुमाने पर चांदी थोड़ा भी हिलता है, तो समझ जाएं कि चांदी शुद्ध नहीं है. आपकी चांदी की पायल और बिछिया नकली है. इसलिए ये काली पड़ गई है.

चांदी के जेवर को हाथों से प्रेस करके देखें
सिल्वर जूलरी हल्की होती है. इसलिए इसकी प्योरिटी आप आसानी से हाथों से दबाकर या दांतों से दबाकर कर सकते हैं. अगर दांतों का हल्का निशान भी चांदी पर पड़ता है, तो इससे आप समझ जाएंगे कि जूलरी असली हैं.

रगड़ कर लगाएं पता
आप चांदी की पायल या बिछिया को रगड़ कर भी इसकी शुद्धता का जांच कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आप बिछिया को हाथ पर पकड़ें और किसी ऐसी चीज पर रगड़ें जिस पर इसका निशान बनें. अगर बिछिया किसी चीज पर रगड़ने पर रंग छोड़ता है, तो समझ जाएं कि यह नकली है. जूलरी को स्क्रैच करने पर ब्लैक या ग्रे कलर का रंग अगर नजर आता है, तो समझ लें की चांदी की जूलरी नकली है.

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बर्फ से करें टेस्टिंग
अपनी सिल्वर जूलरी पर आइस क्यूब रखें. अगर ये तेजी से पिघल जाए, तो आपकी जूलरी असली है. क्योंकि चांदी में मौजूद थर्मल कंडक्टिविटी बर्फ को तुरंत पिघला देता है. आप ब्लीच की कुछ बूंदे डालकर भी चांदी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं.

जूलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • जूलरी खरीदते समय हॉलमार्क का ध्यान रखें.
  • जूलरी पर BIS लोगो, शुद्धता चिह्न (कैरेट) और 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड लिखा होगा.
  • HUID कोड एक विशेष कोड होता है, जो सोने और चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.
  • हॉलमार्क में कोई खरोंच या धब्बा नहीं होना चाहिए.
  • हॉलमार्क का रंग, चमक ज्वेलरी से मैच करना चाहिए.

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