
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
भारत में सोना और चांदी सिर्फ जूलरी ऑप्शन ही नहीं हैं. ये अपने इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को चमकाने का एक नया तरीका भी बन चुका है. इन दिनों सोने-चांदी के दाम रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. सोना 1.5 लाख के पार जा चुका है. जबकि चांदी 3 लाख के पार पहुंच चुकी है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के मुताबिक, 1 किलो चांदी की कीमत आज 10 हजार 730 रुपये बढ़कर 3 लाख20 हजार 75 रुपये पर पहुंच गई है. चांदी इस साल सिर्फ 21 दिनों में ही 90 हजार 825 रुपये महंगी हो चुकी है. आने वाले समय में चांदी के 4 लाख रुपये के पार चमकने की पूरी संभावना है.
सोने-चांदी के दाम लगातार ऑलटाइम हाई पर हैं. इतनी बढ़त देखकर सोना-चांदी में इंवेस्ट करने वालों के मन में सवाल उठ रहे हैं क्या अब मुनाफा कमाकर निकल जाना चाहिए या फिर आगे और तेजी का इंतजार करना समझदारी होगी? इस आर्टिकल में हम निवेशकों को इन्हीं सवालों का जवाब लेकर आए हैं.
एक साल में कितनी चमकदार हुई चांदी?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो चांदी की चमक हर दिन बढ़ी है. इसने सोने के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न दिया है. 1 साल पहले यानी जनवरी 2025 में चांदी की कीमत करीब 95 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी.12 दिसंबर को चांदी ने पहली बार 2 लाख रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी.सिर्फ 41 दिनों में ही यह 1.35 लाख रुपये की छलांग लगाकर 19 जनवरी को 3 लाख रुपये के पार निकल गई.
आखिर क्यों बढ़ रहे चांदी के दाम?
क्या 3 लाख के ऊपर भी छलांग लगा सकती है चांदी?
मार्केट ट्रेंड्स के आधार पर एक्सपर्ट्स इस बात की पूरी संभावना जता रहे हैं. आने वाले समय में चांदी 3 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. अगर तेजी की रफ्तार बनी रही और ग्लोबल मार्केट से सपोर्ट मिलता रहा, तो लंबे समय में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो या उससे अधिक का आंकड़ा भी छू सकती है.
ऐसे में निवेशकों को क्या चांदी खरीदना चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट एक थंब रूल मानकर चलते हैं. कोई चीज जब तेजी से ऊपर जाती है, तो उतनी ही तेजी से नीचे भी आती है. चांदी, सोने की तुलना में कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला मेटल है. इसमें तेजी के साथ-साथ तेज गिरावट भी देखने को मिलती है. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. क्योंकि, बिना किसी रणनीति के ऊंचे स्तर पर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है.
अगर अपना निवेश निकालना चाहे तो?
असल में ग्लोबल इकोनॉमी, डॉलर की मजबूती और सट्टेबाजों का चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में जब तक चांदी के दाम स्थिर नहीं होता, आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए. आपको इस दौरान न तो चांदी में निवेश करना चाहिए और न ही अपना मुनाफा निकालना चाहिए. क्योंकि, ऊंचे स्तरों पर एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय कीमतों में करेक्शन का इंतजार करना ज्यादा समझदारी होगी.
इस समय सिल्वर ETF कितना फायदेमंद?
चांदी की तेजी ने सिल्वर ETF (एक्सचेंज ट्रे़डेड फंड) को भी मुनाफेवाला बना दिया है. केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय ग्रो सिल्वर ETF 7% से ज्यादा उछलकर एक साल के हाई टाइम 308.37 पर पहुंच गया है. टाटा सिल्वर ETF, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सिल्वर ETF, एडलवाइज सिल्वर ETF और मिरे सिल्वर ETF भी करीब 5% उछलकर अपने रिकॉर्ड हाई पर कारोबार कर रहे हैं. अगर आप अभी ETF में निवेश करना चाहते हैं, एकमुश्त निवेश से बचना समझदारी होगी. आपको थोड़ा-थोड़ा करके कई बार में निवेश करना चाहिए.
1 साल पहले चांदी में किया होता निवेश तो बनता कितना मुनाफा?
इसे हम जनवरी 2025 और जनवरी 2026 के चांदी की कीमतों से कंपेयर कर सकते हैं. जनवरी 2026 में चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है. 1 साल पहले यानी जनवरी 2025 में चांदी की कीमत करीब 95 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी. यानी पिछले एक साल में चांदी की कीमत 3 गुना बढ़ चुकी है.ऐसे में जिन निवेशकों ने चांदी में एक साल पहले 2 लाख रुपये भी लगाया होता, तो आज उनका मुनाफा 300% दर से होता. अगर आपने भी सालभर पहले चांदी में 2 लाख रुपये निवेश किए होते, तो आज आपके पास 6 लाख रुपये होते.
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