
Anjali Karmakar
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास कॉम में मास्टर्स डिग्री. 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ... और पढ़ें
सोशल मीडिया अब हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. किसी के साथ चाय पीना हो, घर में कुछ बढ़िया खाना बना हो, कोई नई ड्रेस खरीदी हो, कुत्ते को बाहर घूमाने लेकर गए हो, नया हेयस्टाइल किया हो, नया गैजेट खरीदा हो या कहीं घूमने ही क्यों न गए है… आज लोग अपनी हर बात, हर अहसास सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. Facebook, Instagram, WhatsApp, TikTok और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रॉलिंग, चैटिंग और वीडियो देखने में बहुत समय बिताते हैं.
भारत की करीब 140 करोड़ की आबादी में 27.2% लोग 15 से 29 साल के युवा हैं. इनमें से ज्यादातर के पास स्मार्टफोन है, जिसके जरिए वो सोशल मीडिया की दुनिया में घूमते रहते हैं. आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2025 की शुरुआत में कुल जनसंख्या का करीब 33.7% से 33.9% लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं.
किसी भी प्लेटफॉर्म का जब तक किसी को नुकसान पहुंचाने के इरादे से न किया जाए, तब तक सब सही है. लेकिन, अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किसी को बदनाम करने, ब्लैकमेल करने या किसी से बदला लेने के लिए किया जाता है तो ये किसी भी लिहाज से उचित नहीं है. ये क्राइम है और भारतीय दंड संहिता यानी BNS में इसके लिए पेनल्टी और सजा का प्रावधान है. अगर आप फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर किसी की आपत्तिजनक फोटो या वीडियो अपलोड कर देते हैं या एडल्ड फोटोज लगाकर किसी को ब्लैकमेल करते हैं, तो आपको सीधे जेल तक हो सकती है.
किसी का नाम और पहचान लेकर फेक अकाउंट बनाना चोरी
अगर आप फेसबुक पर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम, पहचान, फोटो या जानकारी का इस्तेमाल करके फर्जी अकाउंट बनाते हैं, तो ये चोरी की कैटेगरी में आता है. इसके लिए इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी IT एक्ट 2000 के सेक्शन 66C और 66D के तहत 3 साल की जेल हो सकती है. इसके साथ ही आप पर मोटा जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर कोई सोशल मीडिया पर आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहा है, तो फेसबुक को रिपोर्ट करें और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें.
फर्जी या गुमराह करने वाली खबरें शेयर करना
फेसबुक या इंस्टाग्राम पर कई बार फेक न्यूज या अफवाहें वायरल हो जाती हैं. लोग बिना जांच-पड़ताल किए उन्हें शेयर कर देते हैं. अगर आप गलत जानकारी, मॉर्फ्ड तस्वीरें या अफवाहें शेयर करते हैं, तो आप पर IT एक्ट 2000 और IPC के सेक्शन 505 के तहत मामला दर्ज हो सकता है. इसमें भी 3 साल की जेल हो सकती है.
साइबर बुलिंग
साइबर बुलिंग भी क्राइम है. अगर आप फेसबुक पर किसी शख्स को परेशान कर रहे हैं. उन्हें गाली देते हैं. जान की धमकी देते हैं या किसी लड़की को रेप की धमकी देते हैं. उसकी इमेज को डैमेज करने वाले पोस्ट और फोटोज डालते हैं, तो ये साइबर बुलिंग कहलाता है. इसके लिए IT एक्ट के सेक्शन 66A में 3 से 5 साल की सजा का प्रावधान है. वहीं, BNS के सेक्शन 354A में सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है.
किसी की न्यूड फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया तो?
आज के डिजिटल युग में हर किसी के पास स्मार्टफोन का एक्सेस है. इसलिए आपकी प्राइवेसी भी खतरे में है. कोई भी चोरी छुपे या बहला-फुसलाकर आपके निजी फोटो या वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल सकता है. बेशक ऐसा करना संगीन जुर्म है. ऐसे ही अपराधों को रोकने और कार्रवाई करने के लिए भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 77 में प्रावधान किए गए हैं. इस सेक्शन के मुताबिक, किसी महिला की परमिशन के बगैर इंटिमेट मोमेंट्स को रिकॉर्ड करना, वीडियो और फोटोज लेना क्राइम है. परमिशन के साथ ही ऐसे इंटिमेट कंटेंट को एक-दूसरे से शेयर करना प्राइवेसी के खिलाफ है. पहली बार ऐसा करने पर दोषी को 1 से 3 साल की कैद हो सकती है. 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. दोबारा ऐसा हुआ, तो सीधे 5 से 7 साल की जेल होगी. साथ ही 5 लाख तक का जुर्माना देना होगा.
अगर कोई न्यूड फोटो और वीडियो के दम पर ब्लैकमेल करे तो क्या एक्शन होगा?
अगर कोई अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहा है और पैसे की मांग कर रहा है, तो ऐसे केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (1) के अनुसार, जबरन वसूली (एक्सटोर्शन) का मुकदमा फाइल किया जा सकता है. आप मानहानि का दावा भी कर सकते हैं.
ऐसे कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का तरीका भी जानिए
अगर आपकी प्राइवेट फोटोज या वीडियो सोशल मीडिया साइट्स या इंटरनेट पर डाल दी गई हैं, तो ‘कंटेंट टेकडाउन’ प्रोसेस के जरिए उसे हटवा सकते हैं. सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रिपोर्ट करने का ऑप्शन होता है. आप गूगल पर ‘लीगल रिमूवल रिक्वेस्ट’ सबमिट करके भी इसे हटवा सकते हैं. IT नियम, 2021 के मुताबिक, शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया कंपनियों को उस कंटेंट को हटाना होता है.
सरकार से भी मांग सकती हैं मदद
अगर कोई महिला सोशल मीडिया साइट्स पर ब्लैकमेलिंग या साइबर बुलिंग का शिकार हो रही हैं, तो वह राज्य की महिला आयोग या राष्ट्रीय महिला आयोग से भी मदद मांग सकती हैं. इसके लिए महिला आयोग की वेबसाइट पर ‘रजिस्टर कम्प्लेंट’ सेक्शन में जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना होगा. अपनी शिकायत सीधे complaint cell-ncw@nic.in पर भी भेज सकती हैं. वहीं, NCW की हेल्पलाइन 181 या 011-26942369 पर कॉन्टैक्ट किया जा सकता है.
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