पब्लिक प्लेस में किसी को मारा थप्पड़, लड़की की फोटो पर किए भद्दे कमेंट तो पहुंच जाएंगे जेल, जान लें क्या कहता है देश का कानून

Law against Verbal Abuse: सोशल मीडिया के जरिए ऐसे कई काम हुए हैं और होते हैं, जिनकी शुरुआत में कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. बेशक किसी भी टेक्नोलॉजी या मीडियम का इस्तेमाल करना गलत नहीं है. लेकिन, अगर इनका इस्तेमाल किसी के खिलाफ, किसी को नुकसान पहुंचाने या नफरत फैलाने के इरादे से किया जाए तो ये सरासर गलत है. ऐसा करने पर आपको जेल तक हो सकती है.

Published date india.com Published: October 8, 2025 6:10 PM IST
पब्लिक प्लेस में किसी को मारा थप्पड़, लड़की की फोटो पर किए भद्दे कमेंट तो पहुंच जाएंगे जेल, जान लें क्या कहता है देश का कानून
भारत में 2025 की शुरुआत में कुल जनसंख्या का करीब 33.7% से 33.9% लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं.

सोशल मीडिया बहुत कम समय में हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. किसी के साथ चाय पीना हो, घर में कुछ बढ़िया खाना बना हो, कोई नई ड्रेस पहनी हो, नया हेयस्टाइल किया हो, नया गैजेट खरीदा हो या कहीं घूमने ही क्योंगए हैआज लोग अपनी हर बात, हर अहसास सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. Facebook, Instagram, WhatsApp, TikTok और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रॉलिंग, चैटिंग और वीडियो देखने में बहुत समय बिताते हैं.

भारत की करीब 140 करोड़ की आबादी में 27.2% लोग 15 से 29 साल के युवा हैं. इनमें से ज्यादातर के पास स्मार्टफोन है, जिसके जरिए वो सोशल मीडिया की दुनिया में घूमते रहते हैं. आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2025 की शुरुआत में कुल जनसंख्या का करीब 33.7% से 33.9% लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं.

सोशल मीडिया के जरिए ऐसे कई काम हुए हैं और होते हैं, जिनकी शुरुआत में कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. बेशक किसी भी टेक्नोलॉजी या मीडियम का इस्तेमाल करना गलत नहीं है. लेकिन, अगर इनका इस्तेमाल किसी के खिलाफ, किसी को नुकसान पहुंचाने या नफरत फैलाने के इरादे से किया जाए तो ये सरासर गलत है. ऐसा करने पर आपको जेल तक हो सकती है. आइए जानते हैं ऐसे मामलों में क्या कहता है भारत का कानून:-

पब्लिक प्लेस में गाली दे पर कोर्ट-कचहरी का करना होगा सामना
भारत में कानून के मुताबिक, गाली देना सिर्फ असभ्यता या सामाजिक रूप से अनुचित नहीं है, बल्कि इसे अपराध के दायरे में रखा गया है. इसके लिए सजा का भी प्रावधान है. अगर आप किसी को गुस्से में पर्सनली या पब्लिक प्लेस में गाली दे देते हैं, तो वह आपके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है. ऐसे में आपको कोर्ट-कचहरी का सामना करना पड़ सकता है. आपको जेल तक हो सकती है.

कितनी सजा का प्रावधान
पब्लिक प्लेस में अश्लील या आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना अपराध है. इसके लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत, दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकती है.

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भद्दे कमेंट करने पर जुर्माना और जेल दोनों
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या भद्दे कमेंट करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मानहानि, नफरत फैलाने, अश्लील कंटेंट या धमकी देने जैसी धाराओं के तहत जुर्माना और कैद की सजा हो सकती है. BNS की धारा 354, 197, 198 जैसे प्रावधानों में ये सजाएं अपराध की गंभीरता के आधार पर 3 से 7 साल तक हो सकती हैं.

जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर और भी सख्त कानून
अगर आप गुस्से में किसी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल या भेदभावपूर्ण टिप्पणी शामिल है, तो ऐसे में और सख्त कानून है. आप पर अनुसूचित जातिजनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (Scheduled Castes and Scheduled Tribes Prevention of Atrocities Act) यानी SC/ST Act के तहत केस दर्ज किया जा सकता है. ये मामला नॉन-बेलेवल ऑफेंस यानी गैर जमानती होता है. इसमें 6 महीने की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है. साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है. कुछ मामलों में जैसे कि झूठी कानूनी कार्यवाही में 5 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.

जानबूझकर उकसाने पर 2 साल की जेल
सिर्फ गाली देना ही नहीं, बल्कि झगड़ा भड़काने का इरादा भी अपराध है.अगर किसी ने गाली देकर जानबूझकर आपको उकसाया और इसके कारण शांति भंग हुई, तो BNS की धारा 351 लागू होगी. इसमें दोषी को मैक्सिमम 2 साल की कैद, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है.

महिला के लिए अपशब्दों काकरें इस्तेमाल
अगर गाली या अपशब्द का मकसद किसी महिला की मर्यादा भंग करना हो, तो BNS धारा 357 के तहत केस दर्ज होगा. इसमें मैक्सिमम 1 साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है. ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है. इसी तरह आपको सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी महिला को गलत या अपशब्द बोलने से बचना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपके ऊपर एक्शन लिया जा सकता है. अगर आपके खिलाफ केस हुआ, तो जेल हो सकती है.

नफरत फैलाने वाले पोस्ट पहुंचा देंगे जेल
अगर आप फेसबुक, यू-ट्यूब, X या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो कभी भी ऐसे प्लेटफॉर्म पर किसी धर्म विशेष या जाति विशेष को लेकर नफरत फैलाने वाले पोस्ट, डबल मिनिंग पोस्ट, भड़काऊ कमेंटकरें. ऐसे आपत्तिजनर वीडियो या फोटो बिल्कुल भी शेयरकरें. ऐसा करने पर आपके खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है. आपको जेल तक जाना पड़ सकता है.

भ्रामक और झूठी खबर फैलाने से भी हो सकती है सजा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की भ्रामक, भड़काऊ बातें नहीं शेयर करनी चाहिए. यहां पर कोई झूठी खबर शेयर नहीं करने चाहिए, जिससे माहौल बिगड़े. अगर आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसा करते हैं तो आपको जेल तक हो सकती है.

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