नई दिल्ली: रिजर्व बैंक के सुरक्षित आरक्षित कोष के नियम की समीक्षा के लिए जल्द समिति का गठन होगा. रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में इस समिति का प्रस्ताव किया गया है. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा आर्थिक पूंजी ढांचे (ईसीएफ) पर समिति तय करेगी कि केंद्रीय बैंक के आरक्षित भंडार का उचित स्तर क्या होना चाहिए. Also Read - Coronavirus: EMI भुगतान के SMS से कर्जदारों में तीन महीने की मोहलत को लेकर भ्रम

रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की सोमवार को दिनभर चली बैठक के बाद ईसीएफ के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का फैसला किया गया. इस बात पर भी सहमति बनी कि समिति की सदस्यता और नियम व शर्तें सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से तय की जाएंगी. Also Read - कोरोना का कहर, सरकार और RBI के प्रोत्साहन के बावजूद झेलनी पड़ी आर्थिक गिरावट

फिलहाल रिजर्व बैंक का पूंजी आधार 9.69 लाख करोड़ रुपए है. स्वतंत्र निदेशक और स्वदेशी के पक्षधर एस गुरुमर्ति तथा वित्त मंत्रालय चाहते हैं कि केंद्रीय बैंक को आरक्षित कोष की सीमा को वैश्विक स्तर पर अपनाए जाने वाले व्यवहार के अनुकूल काम करनी चाहिए. Also Read - PM मोदी ने कहा, RBI की घोषणाएं अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाएंगी

सूत्रों ने यह भी बताया कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के कर्ज के पुनर्गठन के दिशानिर्देश भी जल्द जारी होंगे, जिससे नकदी संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र की मदद की जा सके. मुंबई में रिजर्व बैंक की बोर्ड की बैठक में इस बारे में भी फैसल किया गया था.