मुंबई: शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को करीब आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले बृहस्पतिवार को भी बाजार लाल निशान में बंद हुआ था. दूरसंचार कंपनियों के 1.47 लाख करोड़ रुपये का राजस्व बकाए का भुगतान नहीं करने पर उच्चतम न्यायालय के सख्त रुख के चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बढ़ गया.

इस दौरान 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 202.05 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 41,257.74 पर बंद हुआ. सूचकांक में शामिल 22 शेयर घाटे में बंद हुए. एनएसई निफ्टी 61.20 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 12,113.50 पर बंद हुआ. दिन में बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और एनर्जी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली. उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ 1.47 लाख करोड़ रूपए के समेकित सकल राजस्व (एजीआर) की अदायगी के न्यायिक आदेश पर अमल नहीं करने पर शुक्रवार को कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमनना कार्यवाही की जाये.

इस आदेश से प्रभावित दूरसंचार कंपनियों को कर्ज देने वाले बैंकों के शेयरों में दबाव देखने को मिला. खासतौर से वोडाफोन आइडिया के कर्जदाताओं पर दबाव दिखा. सेंसेक्स में इस दौरान इंडसइंड बैंक में सबसे अधिक 4.38 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. इसके अलावा पावरग्रिड, एसबीआई, हीरो मोटोकॉर्प और एनटीपीसी में भी गिरावट के साथ बंद हुए. दूसरी ओर भारती एयरटेल 4.69 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे अधिक बढ़ने वाला शेयर रहा. विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय दूरसंचार उद्योग अब निजी क्षेत्र की दो कंपनियों के अधिकारी की ओर बढ़ रहा है.

वोडाफोन आइडिया, जिस पर 53,000 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है, के शेयरों में 23.21 प्रतिशत की गिरावट हुई. कारोबारियों का कहना है कि 17 मार्च तक बकाए का भुगतान करने के लिए दूरसंचार कंपनियों को उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते बैंकों कि परिसंपत्तियों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, क्योंकि उन्होंने इस क्षेत्र में अच्छा खासा कर्ज दे रखा है. जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि भारी मुद्रास्फीति और निकट भविष्य में रिजर्व बैंक द्वारा दरों में कटौती की गुंजाइन नहीं होने के कारण भी बैंकिंग शेयर दबाव में हैं. इसके अलावा वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर भी घरेलू बाजार पर देखने को मिला. वैश्विक बाजार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से दबाव में हैं.

बैंकों की ब्याज दरों से प्रभावित वाले ऑटो क्षेत्र के शेयर भी दबाव में रहे क्योंकि जनवरी में थोक कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 3.1 प्रतिशत हो गई है. इसके चलते हीरो मोटोकार्प के शेयर 2.24 प्रतिशत गिर गए और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 1.91 प्रतिशत की गिरावट हुई. एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनी आईटीसी में 1.98 प्रतिशत और एयूएल में 1.20 प्रतिशत की गिरावट हुई. इन शेयरों में महंगाई के बढ़ने की आशंका के चलते दबाव बना. इस दौरान बढ़ने वाले शेयरों में एचसीएल, आईसीआईसीआई बैंक, आरआईएल और टेक महिंद्रा शामिल थे. साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 115.89 अंक या 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी में 15.15 अंकों या 0.12 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली.