चंडीगढ़: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को भारत और इसकी अर्थव्यवस्था पर भरोसा है और कहा कि सरकार का लक्ष्य 2025 तक भारत को शीर्ष तीन वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है. वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री ने कहा, “हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और अगले पांच वर्षों में भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य है.” Also Read - देश के 180 जिलों में 7 दिनों में नहीं आया COVID-19 का एक भी केस, 24 घंटे में 3.18 लाख लोग ठीक हुए: डॉ. हर्षवर्धन

वह यहां आयकर विभाग और सीआईआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे. उन्होंने सरकार द्वारा हाल में घोषित योजना ‘विवाद से विश्वास’ का जिक्र भी किया. इस योजना का मकसद करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच विवादों का समाधान करना है. Also Read - COVID-19 से जूझ रहे भारत के लिए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर भेज रहे 5,000 ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

ठाकुर ने कहा कि आईएमएफ और आरबीआई सहित विभिन्न संस्थानों का अनुमान है कि भारत एक बार फिर तेज विकास हासिल करेगा. भारत की विकास दर तीसरी तिमाही में गिरकर 4.7 प्रतिशत रह गई है और विपक्ष कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए सरकार के आर्थिक “कुप्रबंधन” को जिम्मेदार ठहराया है. Also Read - COVID-19 Cases on 8 May 2021: देश में कोरोना से 24 घंटे में 4,187 मौतें, आज फिर नए मामले 4 लाख के पार

ठाकुर ने कहा, “उन्होंने (आईएमएफ, आरबीआई) कहा है कि भारत वित्त वर्ष 2020-21 में 6-6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा. यह स्पष्ट संकेत है कि दुनिया को भारत और इसकी अर्थव्यवस्था पर भरोसा है… और मोदी सरकार इस दिशा में सभी कदम उठा रही है.”

उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा जो संप्रग सरकार के समय 5.2 प्रतिशत हो गया था, घटकर 3.3 प्रतिशत हो गया था, हालांकि “इस साल यह 3.8 प्रतिशत रहेगा और अगले साल हम इसे घटाकर 3.5 प्रतिशत पर ले आएंगे.”

(इनपुट आईएएनएस)