
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
इंवेस्टमेंट के लिए मार्केट में कई ऑप्शन हैं. कोई प्रॉपर्टी खरीदकर इंवेस्ट करता है. कोई किसी प्रॉपर्टी या फ्लैट को रेंट पर चढ़ाकर मुनाफा कमाता है. कोई मार्केट में पैसे लगाकर कमाई करता है, तो कोई SIP या डिपॉजिट करके इंटरेस्ट पाता है. इन दिनों इंवेस्टमेंट का एक और तरीका ट्रेंड में हैं. इसे IPO कहते हैं. IPO यानी Initial Public Offering. इसमें आपको शॉर्ट और लॉन्ग टर्म में अच्छा-खासा रिटर्न मिलता है. हालांकि, मार्केट से जुड़े होने के कारण इसमें थोड़ा रिस्क भी रहता है. अगर इस समय आपके बैंक अकाउंट में 15 हजार रुपये पड़े हैं और आप कोई इंवेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो आपके पास टाटा ग्रुप का पार्टनर बनने का सुनहरा मौका है.
IPO क्या होता है?
IPO मतलब इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial Public Offering). कई बार किसी कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है. ऐसे में वह मार्केट से लोन लेने के बजाय अपने कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर पैसा जुटाती है. जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है, तो इसे IPO कहते हैं.
टाटा कैपिटल ने कब निकाला IPO?
दरअसल, टाटा ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विस देनी वाली कंपनी टाटा कैपिटल का IPO 6 अक्टूबर से ओपन हो गया है. यह इश्यू 8 अक्टूबर तक पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन रहेगा. टाटा ग्रुप के IPO में 1 लॉट के लिए 14,996 रुपये निवेश करने होंगे. आप मैक्सिमम 13 लॉट खरीद सकते हैं. इसके लिए 1,94,948 रुपये इंवेस्ट करने पड़ेंगे. IPO के जरिए टाटा कैपिटल 15,512 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.
टाटा कैपिटल के IPO में पैसा लगाने के लिए 3 दिन का मौका
टाटा कैपिटल के शेयरों की कीमत 310 रुपये से 326 रुपये प्रति शेयर तय की गई है. कंपनी ने IPO के जरिए 6846 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए है. इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर 8665 करोड़ रुपये के शेयर बेचेंगे. आप 6 से 8 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे. यानी आपके पास सिर्फ 3 दिन का ही मौका है.
एंकर निवेशकों में LIC सबसे बड़ी निवेशक
टाटा कैपिटल के एंकर निवेशकों में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC सबसे बड़ी निवेशक है. LIC ने 326 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 700 करोड़ रुपये वैल्यू के एंकर हिस्से का 15.08% हिस्सा हासिल किया है.
IPO म्यूचुअल फंड से कितना अलग है?
IPO और म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) निवेश के दो अलग-अलग तरीके हैं. IPO में आप सीधे तौर पर कंपनी के शेयर खरीदते हैं. जबकि, म्यूचुअल फंड में आप कंपनी के शेयर में पैसा लगाते हैं.
IPO में कौन पैसा लगा सकता है?
कोई भी वयस्क व्यक्ति IPO में पैसा लगा सकता है, लेकिन इसमें ऐसे लोगों को पैसा लगाना चाहिए; जिन्हें लीगल कॉन्ट्रैक्ट की समझ हो. IPO में शेयर खरीदने के इच्छुक निवेशक के पास PAN कार्ड होना चाहिए. वैलिड डीमैट अकाउंट भी होना जरूरी है.
निवेशकों की कितनी कैटेगरी होती है?
2 लाख रुपये तक के शेयर्स के लिए आवेदन करने वाले इनवेस्टर्स को रिटेल कैटेगरी में रखा जाता है.इससे ज्यादा निवेश करने वाले को नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) कहते हैं. वहीं, एक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी भी होती है, जो बड़ी वॉल्यूम में ट्रेडिंग करते हैं.
IPO की कीमत कैसे तय होती है?
IPO की कीमत दो तरह से तय होती है. पहला-प्राइस बैंड. दूसरा-फिक्स्ड प्राइस इश्यू. प्राइस बैंड का मतलब होता है शेयर की नीचे और ऊपर के कीमत की वो लिमिट, जिसके बीच की किसी कीमत पर शेयर बेचे जाएंगे. फिक्स्ड प्राइस इश्यू का मतलब होता है कि कंपनी एक कीमत तय कर देती है. इसमें बारगेनिंग नहीं होती.
क्या पैसा लगाने की कोई डेडलाइन होती है?
जब भी कोई कंपनी IPO निकालती है उससे पहले इसका एक समय किया जाता है जो 3-5 दिन का होता है. उसी समय में उस कंपनी का IPO ओपन रहता है. आपको दिए गए स्लॉट में ही शेयर खरीदना होता है. वहां आपको 1 शेयर की कीमत भी दिखाई देती है.
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