Tata Group: टाटा ग्रुप आज संकटग्रस्त राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) दाखिल कर सकता है, जिसका मतलब यह है कि एयर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगाने के लिए इच्छुक है. एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप एयर एशिया के वाहन के रूप में उपयोग करेगा जिसमें टाटा संस की बड़ी हिस्सेदारी है. सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है.Also Read - क्या SpiceJet की दुबई-दिल्ली फ्लाइट में हुई चोरी, Video Viral; एयरलाइन ने दिया ये जवाब

बता दें, स्पाइसजेट के मालिक अजय सिंह की नजरें भी एयर इंडिया पर लगी हुई हैं. लेकिन स्पाइसजेट ने इस बात किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. Also Read - अब जमकर कीजिए विदेश की सैर, दिसंबर 2021 के अंत तक सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स हो रहीं हैं शुरू

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गौरतलब है कि जब सरकार ने 2018 में एयर इंडिया के लिए बोली मंगवाई थी, उस दौरान कोई भी खरीददार आगे नहीं आया, लेकिन इस बार इसे खरीदने के लिए कई लोग सामने आए हैं.

उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले साल कहा था कि अगर एयर इंडिया का निजीकरण नहीं किया गया तो इसे बंद करना पड़ सकता है. पुरी ने रविवार को कहा, यह (एयर इंडिया का डिवेस्टमेंट) एक गोपनीय प्रक्रिया है. संबंधित विभाग (डीआईपीएएम) उचित समय पर टिप्पणी करेगा.

वर्तमान में टाटा संस सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मिलकर विस्तारा एयरलाइंस का परिचालन करता है. ग्रुप ने तय किया है कि वह बजट कैरियर एयर एशिया इंडिया के जरिए एयर इंडिया के रूटों पर संचालन करेगा.

सूत्रों ने जानकारी दी कि एयर एशिया इंडिया को विस्तारा से पहले गठित किया गया था. इसलिए इसके माध्यम से उड्डयन के व्यापार में टाटा समूह को फायदा मिलने वाला है. हाल ही में, टाटा संस ने एयर एशिया इंडिया में अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से बढ़ा दी, क्योंकि इसमें मलेशियाई साझेदार ने अपने गृह देश में वित्तीय परेशानियों के कारण संयुक्त उद्यम में नए फंडों को देने में असमर्थता व्यक्त की.

माना जा रहा है कि टाटा ग्रुप इस बोली में आसानी से विजयी होगा.

टाटा ग्रुप ने अक्तूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी. भारत सरकार ने 1953 में एयर इंडिया को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था.