EnglishHindi

साइरस मिस्त्री की वापसी पर एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा टाटा संस

मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेष 81 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट और टाटा ग्रप व टाटा परिवार के पास है

Published: January 2, 2020, 2:18 PM IST

नई दिल्ली: टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करने के एनसीएलएटी के 18 दिसंबर के फैसले के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. टाटा समूह ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कार्यकारी चेयरमैन पद पर एन. चंद्रशेखरन की नियुक्ति को अवैध ठहराया था.

बता दें कि मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेष 81 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट और टाटा समूह की कंपनियों के साथ टाटा परिवार के सदस्यों के पास है.

मामले से जुड़े एक वकील ने कहा, “हमने एनसीएलएटी के फैसले को पूर्ण रूप से चुनौती दी है.” याचिका में शीर्ष न्यायालय से अपीलीय न्यायाधिकरण के निष्कर्षों को खारिज करने या रद्द करने की मांग की गई है. अपीलीय न्यायाधिकरण ने माना था कि समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा की मिस्त्री के खिलाफ कार्रवाई उत्पीड़नकारी थी.

एनसीएलएटी ने कहा था कि बहाली आदेश चार सप्ताह बाद प्रभावी होगा. निर्णय के अनुसार टाटा संस इस अवधि में चाहे तो निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकती है. अपीलीय न्यायाधिकरण ने टाटा संस को पब्लिक फर्म से बदलकर प्राइवेट फर्म बनाने की कार्रवाई को भी रद्द कर दिया.

एनसीएलएटी ने टाटा संस को मिस्त्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का भी निर्देश दिया है. बता दें कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिरकण (एनसीएलएटी) ने हाल में चंद्रशेखरन की समूह के चेयरमैन पद पर नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए साइरस मिस्त्री की बहाली का निर्देश दिया था.

संबंधित खबरे

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.