नई दिल्ली: टैक्स चोरी रोकने के लिए टैक्स डिपार्टमेंट ने PAN कार्ड के नियमों में बदलाव किए हैं. टैक्स चोरी करने के लिए किए गए ये बदलाव पांच दिसंबर से लागू होंगे. पैन कार्ड बनवाने के लिए अब तक पिता का नाम देना आवश्यक था, लेकिन अब ये अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. इसके साथ ही जिनकी सालाना आय ढाई लाख से ज्यादा है, उन्हें भी पैन कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा. बैंक के जरिए ढाई लाख से ज्यादा के लेन-देन करने वाले लोगों के लिए पैन कार्ड बनवाना आवश्यक होगा. Also Read - Gold News Latest Update: गोल्ड ज्वेलरी खरीदने पर अब देना होगा PAN और Aadhar, डरे ज्वेलर्स

Also Read - Income Tax ने चार जनवरी तक 1.41 करोड़ Tax Payers को 1.64 लाख करोड़ रुपये रिफंड किए

PAN कार्ड फॉर्म में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से कॉलम Also Read - रॉबर्ट वाड्रा के घर पहुंची आयकर विभाग की टीम, दर्ज किया जा रहा बयान

ये हैं बदलाव

– टैक्स डिपार्टमेंट के नए नियमों के अनुसार अगर किसी निवासी संस्था की सालाना आय 2.5 लाख से ज्यादा है तो उसे भी पैन कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा. टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आयकर विभाग को वित्तीय लेन-देन को ट्रैक करने, कर आधार का दायरा बढ़ाने और कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी.

– पैन कार्ड बनवाने के लिए अब तक पिता का नाम देने अनिवार्य था, भले ही माता-पिता अलग हो चुके हों, लेकिन अब सिर्फ मां का नाम दिए जाने से भी पैन कार्ड बनवाया जा सकेगा. ये सबसे अहम बदलाव माना जा रहा है.

– नए नियम के अनुसार, अगर कोई एक साल में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन करता है, तो उसके लिए पैन कार्ड बनवाना जरूरी है. अगर किसी बिजनेस संस्थान का सालाना कारोबार पांच लाख से ज्यादा है, तो भी उसे पैन नंबर लेना होगा.

– यदि आप किसी संस्था के प्रबंध निदेशक, निदेशक, लेखक, संस्थापक, ट्रस्टी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी या पदाधिकारी हैं तो आपके पास भी पैन कार्ड होना चाहिए. ऐसे संस्थाओं के पदाधिकारियों को पैन कार्ड के लिए 31 मई 2019 तक आवेदन करना होगा.