टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथ का वेतन पैकेज 2019-20 में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 16 प्रतिशत घटकर 13.3 करोड़ रुपये रहा. कंपनी की सलाना रिपोर्ट के अनुसार 2018-19 में उनका कुल पारितोषिक 16.02 करोड़ रुपये था. इस तरह उनके पैकेज में करीब 2.90 करोड़ रुपये सालाना की कटौती हुई. Also Read - सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2.50 लाख करोड़ रुपये घटा

टीसीएस की सालाना रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में गोपीनाथ ने वेतन के रूप में 1.35 करोड़ रुपये, 1.29 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सुविधाएं, कमीशन के रूप में 10 करोड़ रुपये (लाभ का 0.02 प्रतिशत) और 72.82 लाख रुपये भत्ते के रूप में लिये. Also Read - लॉकडाउन में घर बैठे लोगों के लिए TCS की खास योजना, कंपनी देगी 15 दिन का फ्री सर्टिफिकेशन प्रोग्राम

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘प्रबंधकीय स्तर पर पारितोषिक 2019-20 में 15 प्रतिशत कम रहा है. वहीं कार्यकारियों का पारितोषिक भी 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में कम रहा. इसका कारण कोविड-19 महामारी का आर्थिक प्रभाव है. निदेशकों ने संसाधन की कमी को देखते हुए इस साल कार्यकारियों के वेतन में कमी का निर्णय किया है.’’ Also Read - फोर्ब्स लिस्‍ट: दुनिया की सम्मानित फर्मों की सूची में 17 भारतीय कंपनियां शामिल

टीसीएस के मुख्य परिचालन अधिकारी एन गणपति सुब्रमणियम ने भी 2019-20 में कम पारितोषिक लिया. उनका पारितोषिक 2019-20 में 12.9 प्रतिशत घटकर 10.11 करोड़ रुपये रहा जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 11.61 करोड़ रुपये था.

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी रामकृष्णन वी का पारितोषिक 2019-20 में 3.98 करोड़ रुपये रहा.

रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में कर्मचारियों के पारितोषिक में सालाना करीब 7.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वहीं देश से बाहर काम करने वाले कर्मचारियों के पारितोषित में 2 से 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ.

टीसीएस के स्थायी कर्मचारियों की संख्या पिछले वित्त वर्ष में 4.48 लाख थी.