फोन पर सर्विस और ट्रांजैक्शन से संबंधित कॉल के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने जारी की 160 नंबर वाली सीरीज

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने 160 नंबर वाली सीरीज जारी किया है. इस सीरीज वाले नंबर आवंटित करने से पहले हरेक इकाई का सही तरीके से वेरीफिकेशन किया जाएगा.

Updated: May 29, 2024, 3:21 PM IST

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने सरकार, नियामकों और वित्तीय संस्थाओं द्वारा की जाने वाली सेवा और लेनदेन संबंधी फोन कॉल के लिए 160 से शुरू होने वाली 10 अंक वाली एक अलग नंबर शृंखला आवंटित की है.

विभाग की तरफ से मंगलवार को जारी एक कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, 10 अंक वाली इस नंबर शृंखला को इस तरह तैयार किया गया है कि दूरसंचार ग्राहकों को कॉल करने वाली इकाइयों के साथ दूरसंचार ऑपरेटर और कॉल की जगह के बारे में भी पता चल जाएगा.

आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक, दूरसंचार वाणिज्यिक संचार उपभोक्ता वरीयता नियमन (TCCCPR), 2018 के तहत विशेष रूप से सेवा और लेनदेन संबंधी फोन कॉल के लिए एक अलग नंबर वाली श्रृंखला 160 आवंटित करने का निर्णय लिया गया है.

इस कदम का मकसद ग्राहकों को सरकारी निकायों एवं विनियमित संस्थाओं द्वारा की गई कॉल और सरकारी अधिकारी बनकर फ्रॉड करने वालों द्वारा की जाने वाली कॉल के बीच फर्क कर पाने में मदद करना है.

नयी नंबर शृंखला सरकार और नियामकों के लिए 1600एबीसीएक्सएक्सएक्स प्रारूप में जारी की जाएगी. इसमें ‘एबी’ दूरसंचार सर्किल का कोड दिखाएगा जिसमें दिल्ली के लिए 11, मुंबई के लिए 22 का कोड होगा. वहीं ‘सी’ वाला अंक दूरसंचार सेवा प्रदाता का कोड दिखाएगा जबकि ‘एक्सएक्सएक्स’ 000-999 के बीच के अंक होंगे.

इसी तरह RBI, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) से विनियमित होने वाली वित्तीय संस्थाओं के लिए 10 अंक की संख्या 1601एबीसीएक्सएक्सएक्स प्रारूप में जारी की जाएगी.

टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर 160 शृंखला वाला नंबर आवंटित करने से पहले हरेक इकाई का सही तरीके से वेरीफिकेशन करेगा. इसके अलावा उसे इच्छुक इकाई से एक एफिडेविट लेना होगा कि वह इस सीरीज के तहत आवंटित नंबर का इस्तेमाल सेवा और लेनदेन की कॉल के लिए ही करेगी.

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.