Textile Hub In UP: उत्तर प्रदेश को उत्तर भारत का टेक्सटाइल हब (Textile Hub Of Uttar Pradesh) बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और पहल कर दी है. इसके तहत यमुना प्राधिकरण ने नोएडा में अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (Textile Park) की स्थापना के लिए 150 एकड़ भूमि आवंटित कर दी है. सरकार के इस फैसले से अब उत्तर प्रदेश का पहला टेक्सटाइल पार्क (First Textile Park In Uttar Pradesh) नोएडा (NOIDA) में बनने का रास्ता साफ हो गया है.Also Read - UP में बड़ा फेरबदल- गोरखपुर, प्रयागराज समेत 14 जिलों के 21 IPS अफसरों का तबादला; जानें कहां किसे मिली तैनाती

राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार नोएडा (NOIDA) में बनने वाले इस टेक्सटाइल पार्क में कुल 152 कंपनियां अपनी फैक्ट्री लगाएंगी. करीब 8365.73 करोड़ रुपए का निवेश कर लगने वाली इन फैक्ट्रियों से करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. अगले वर्ष के पहले महीने में टेक्सटाइल और गारमेंट की 91 फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य शुरू होगा. इन 91 फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य पूरा होने और इनमें उत्पादन शुरू होने पर करीब दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर में भी नोएडा का कद भी देश में बढ़ेगा. साथ ही, उत्तर प्रदेश उत्तर भारत का टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने लगेगा. Also Read - दो महीनों के लिए नोएडा में लागू हुई धारा-144, कोविड प्रोटोकॉल का भी करना होगा पालन, जानिए क्यों ?

गौरतलब है यूपी देश का तीसरा सबसे बड़ा कपड़ा उत्पादक राज्य है. कपड़ा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 13.24 प्रतिशत है. हैंडलूम की संख्या और सिल्क उत्पादन के लिहाज से उत्तर प्रदेश का देश में पांचवां स्थान है. प्रदेश में 2.58 लाख हैंडलूम बुनकर और 5.5 लाख पावरलूम बुनकर हैं. सूबे में गैर लघु औद्योगिक क्षेत्र में 58 स्पिनिंग मिल और 74 टेक्सटाइल मिल हैं. कालीन उत्पादन में देश में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 90 फीसद है. टेक्सटाइल और गारमेंट के सेक्टर में ही सबसे ज्यादा रोजगार यूपी में लोगों को मिला हुआ है. इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल और गारमेंट के सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर फ्रेण्डली नीतियां तैयार कराई हैं. Also Read - मानसून की पहली बारिश से बढ़ने लगा जलस्तर, यूपी के सात जिलों में बाढ़ का खतरा, अलर्ट जारी

सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर देश तथा विदेश के 66 बड़े निवेशकों ने बीते चार वर्षों में टेक्सटाइल और गारमेंट के सेक्टर में 8715.16 करोड़ रुपए का निवेश करने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंपे हैं. इन 66 प्रस्तावों में से 12 टेक्सटाइल फैक्ट्री राज्य में लग गई हैं और 18 टेक्सटाइल फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य चल रहा है. 17 टेक्सटाइल फैक्ट्रियों की स्थापना के लिए इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. अगले वर्ष से इन 17 फैक्ट्रियों में भी उत्पादन शुरू होने का दावा किया जा रहा है.

हाल के वर्षों में बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देश प्रमुख कपड़ा उत्पादकों के रूप में उभरे हैं. प्रदेश सरकार की मंशा इन देशों से आगे होने ही है. प्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में विस्तार करने की बहुत संभावनाएं हैं, लेकिन प्रदेश में पूर्ण रूप से इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्कों की संख्या बहुत कम है. इसका संज्ञान लेते हुए ही मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने टेक्सटाइल पार्क तथा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्कों के निर्माण को बढ़ावा देने का फैसला किया.

इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 29 में नोएडा में सोसासिटी आफ नोएडा अपैरल क्लस्टर के टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए बीते 150 एकड़ भूमि आंवटित कर दी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ, आगरा, झांसी, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ और कानपुर मंडलों में जहां कपड़ा उत्पादन परंपरागत तौर पर होता रहा है वहां निजी क्षेत्र के सहयोग से इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएं.

(With IANS Inputs)