सरकार की इस स्कीम में बस 200 रुपये में मिल जाता है 75000 का लाइफ कवर, जानें कौन ले सकता है इसका फायदा? कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

आम आदमी बीमा योजना (AABY) भारत सरकार के श्रम व रोजगार मंत्रालय ने शुरू की है. ये एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम है. देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC इस स्कीम को ऑपरेट करती है. इस स्कीम में 48 विशिष्ट व्यावसायिक/व्यावसायिक समूहों, ग्रामीण भूमिहीन परिवारों और असंगठित श्रमिकों के सदस्यों को कवरेज दिया जाता है.

Published date india.com Updated: June 30, 2025 7:10 PM IST
सरकार की इस स्कीम में बस 200 रुपये में मिल जाता है 75000 का लाइफ कवर, जानें कौन ले सकता है इसका फायदा? कैसे कर सकते हैं अप्लाई?
आम आदमी बीमा योजना का फायदा लेने के लिए आवेदकर की उम्र 18 से 59 साल के बीच होनी चाहिए.

जिंदगी अनिश्चित है. कब कहां और किसके साथ क्या हो जाए, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता. जिंदगी में जब ऐसी परिस्थितियां आती हैं, तब सब कुछ बदल जाता है. इसलिए हम भविष्य के लिए पैसे बचाकर रखते हैं या कोई न कोई हेल्थ प्लान लेकर रखते हैं. लेकिन, हेल्थ इंश्योरेंस लेना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं होता. भारत में बहुत बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र में काम करती है. इन लोगों के पास कोई स्टेबल इनकम नहीं होती है. ऐसे में ये न को लाइफ इंश्योरेंस ले सकते हैं और न ही कोई मेडिकल प्लान खरीद सकते हैं. इन्हीं जरूरतमंदों के लिए सरकार ने ‘आम आदमी बीमा योजना’ के नाम से हेल्थ पॉलिसी शुरू की है. इसके तहत महज 200 रुपये के प्रीमियम में 75000 रुपये का कवरेज मिलता है.

आम आदमी बीमा योजना (AABY) भारत सरकार के श्रम व रोजगार मंत्रालय ने शुरू की है. ये एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम है. देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC इस स्कीम को ऑपरेट करती है. इस स्कीम में 48 विशिष्ट व्यावसायिक/व्यावसायिक समूहों, ग्रामीण भूमिहीन परिवारों और असंगठित श्रमिकों के सदस्यों को मौत और विकलांगता के लिए कवरेज दिया जाता है.

किन्हें मिलेगा इस स्कीम का फायदा?

  • आम आदमी बीमा योजना का फायदा लेने के लिए आवेदकर की उम्र 18 से 59 साल के बीच होनी चाहिए.
  • आवेदक का आमतौर पर परिवार का मुखिया या कमाने वाला होना चाहिए.
  • आवेदक का परिवार गरीबी रेखा के नीचे(BPL) कैटेगरी में आना चाहिए.
  • आवेदक की पहचान श्रमिक या वोकेशनल ग्रुप के सदस्य के तौर पर होनी चाहिए.
  • आवेदक ग्रामीण भूमिहीन परिवार का सदस्य होना चाहिए.

कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
आम आदमी बीमा योजना में अप्लाई करने के लिए आपके पास राशन कार्ड, एज प्रूफ के लिए बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं की मार्कशीट, पहचान के लिए आधार या वोटर्स आईडी, जॉब कार्ड की जरूरत होती है. अगर डेथ क्लेम करना चाहते हैं, तो इसके लिए पॉलिसी होल्डर का डेथ सर्टिफिकेट और मेडिकल पेपर्स अटैच करने होंगे. इसी तरह अगर एक्सिडेंटल क्लेम करना है, तो FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम की कॉपी, पुलिस की रिपोर्ट चाहिए.

कितना देना होगा एनुअल प्रीमियम?
इस स्कीम में लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा निधि (SSF) से सब्सिडी मिलती है. इसके तहत कुल प्रीमियम का 50% (100 रुपये) भारत सरकार की ओर से सब्सिडी के तौर पर दिया जाता है. ग्रामीण भूमिहीन परिवारों (RLH) के लिए प्रीमियम का बाकी 50% (100 रुपये)संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की तरफ से दिया जाता है. वहीं, अन्य व्यावसायिक समूहों के लिए प्रीमियम का पेमेंट नोडल एजेंसी, सदस्य और/या राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश के योगदान से किया जाता है.

किस केस में कितना मिलेगा क्लेम?
आम आदमी बीमा योजना के तहत अगर पॉलिसी होल्डर की नैचुरल डेथ होती है, तो परिवार को 30 हजार रुपये का क्लेम मिलता है. अगर हादसे की वजह से पॉलिसी होल्डर की मौत हुई है, तो परिवार को 75000 रुपये मिलते हैं. अगर पॉलिसी होल्डर को किसी हादसे में शारीरिक नुकसान होता है. उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली जाती है या पैर चले जाते हैं, तो इस केस में भी उसे 75000 रुपये दिए जाएंगे. पार्शियल डिसएबिलिटी यानी आंशिक विकलांगता पर 37500 रुपये का क्लेम मिलता है. इसके अलावा इस स्कीम में पॉलिसी होल्डर के 2 बच्चों को 9वीं से 12वीं तक हर महीने 100 रुपये की स्कॉलरशिप भी मिलती है.

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कैसे करेंगे क्लेम?
-अगर पॉलिसी होल्डर की मौत नैचुरल है, तो उसके नॉमिनी को ओरिजनल डेथ सर्टिफिकेट और जरूरी कागजात जमा करने होंगे. इसके साथ ही नोडल एजेंसी के अधिकारी से अटेसटेट एप्लिकेशन भी देना होगा. संबंधित अधिकारी आपके क्लेम की जांच करेंगे. अगर जानकारी सही पाई जाती है, तो एक महीने के अंदर क्लेम सेटलमेंट कर दिया जाएगा.

-अगर एक्सिडेंटल केस है, तो नॉमिनी को डेथ रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, जरूरी डॉक्यूमेंट, FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस कंक्लूज़न रिपोर्ट देनी होगी. नोडल एजेंसी सारे डॉक्यूमेंट को चेक करके वेरिफाई करेगी. फिर इन्हें LIC को फॉरवर्ड किया जाएगा. बाकी का काम LIC के अधिकारी करेंगे.

-वहीं, जिस पॉलिसी होल्डर के बच्चे स्कॉलरशिप के पात्र हैं, उनके डॉक्यूमेंट को नोडल एजेंसी वेरिफाई करेगी. LIC हर छमाही (1 जुलाई और 1 जनवरी) को NEFT मोड के जरिए लाभार्थी के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करेगी.

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