नई दिल्ली: कारोबारी माहौल में सुधार होने से इस साल के अक्टूबर महीने तक देश में परिचालन वाली जापान की कंपनियों की संख्या बढ़कर 1,441 पर पहुंच गई. भारत में जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सु ने यह जानकारी दी. हीरामात्सु ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु से संवाद में कहा कि धातु विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में कंपनियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

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हीरामात्सु ने कहा, ‘‘हमने भारत में जापानी कंपनियों के बारे में वार्षिक सर्वेक्षण किया है. भारत में जापानी कंपनियों की संख्या अक्टूबर, 2018 के अंत तक 1,441 पर पहुंच गयी, यह पिछले साल की तुलना में 72 यानी पांच प्रतिशत अधिक है.’’ उन्होंने बताया कि भारत में परिचालन कर रही जापानी कंपनियों में से 50 प्रतिशत विनिर्माण क्षेत्र की हैं. हीरामात्सु ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारतीय नेतृत्व कर, सीमा शुल्क, वित्तीय एवं पूंजीगत नियमन तथा बुनियादी संरचना से संबंधित दिक्कतों को दूर करे.

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इससे पांच साल में देश में जापान की कंपनियों की संख्या तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी.’’ भारत को अप्रैल, 2000 से जून, 2018 के बीच जापान से 28.16 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई मिला है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2016-17 के 13.6 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2017-18 में 15.7 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है. हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार का संतुलन जापान के पक्ष में है. (इनपुट एजेंसी)