नई दिल्ली: अक्टूबर महीना शुरू होने में मात्र एक दिन का समय बचा है. इस महीने में कई ऐसे बदलाव होंगे जिनका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा. जहां एक ओर अक्टूबर का पूरा महीना ही त्योहार मनाते हुए बीत जाएगा. वहीं, दूसरी तरफ कई नियमों में भी सरकार बदलाव करेगी. अक्टूबर महीने में कई तरह के फाइनेंशियल बदलाव होंगे. आइए जानते हैं क्या हैं ये बदलाव और किस तरह यह आप पर असर डालेंगे. Also Read - SBI SCO Admit Card 2020 Released: SBI ने जारी किया स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर्स का एडमिट कार्ड, ये है डाउनलोड करने का Direct Link 

driving license

ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में होगा बदलाव- 1 अक्टूबर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम बदल जाएंगे. नए नियम के चलते लोगों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस को अपडेट कराना होगा, और यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इसके अलावा 1 अक्टूबर से गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के साथ ड्राइविंग लाइसेंस कानूनी रूप से जरूरी होगा. नए नियम लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में लोगों को माइक्रो चिप के अलावा क्यूआर कोड भी लगेगा. Also Read - SBI PO Result: एसबीआई पीओ प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी, ये है डायरेक्ट लिंक

petrol-diesel

पेट्रोल-डीजल पर कैशबैक बंद- नए नियम के तहत देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को भेजे एसएमएस में कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की सलाह पर एक अक्टूबर से पेट्रोल पंपों से ईंधन की खरीद पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर मिलने वाली 0.75 प्रतिशत की छूट को बंद किया जा रहा है. Also Read - SBI ने फिक्स्ड डिपॉजिट रेट्स को बढ़ाया, जानें- अब कितना होगा फायदा

pension

पेंशन पॉलिसी में बदलाव- नए नियमों के मुताबिक, यदि सात साल से कम के सेवाकाल में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार के सदस्य को बढ़ी हुई पेंशन पाने के हकदार होंगे. सरकार ने इस बारे में पेंशन नियमों में संशोधनों को अधिसूचित कर दिया है. माना जा रहा है कि इस कदम का लाभ केंद्रीय सशस्त पुलिस बल के जवानों की विधवाओं को मिल सकेगा. इससे पहले यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु सात साल से कम के सेवाकाल में हो जाती थी तो उसके परिजनों आखिरी वेतन के 50 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ी हुई पेंशन मिलती थी. अब सात साल से कम के सेवाकाल में मृत्यु होने पर कर्मचारी के परिजन बढ़ी हुई पेंशन पाने के पात्र होंगे. सरकारी अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम,1972 में संशोधन को मंजूरी दे दी है.

plastic

बंद होगा प्लास्टिक का इस्तेमाल- 2 अक्टूबर से देश में प्लास्टिक से बनी चीजों के इस्तेमाल पर रोक का अभियान शुरू किया जाएगा. भारत में बढ़ते पॉल्यूशन को खत्म करने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करना बहुत जरूरी है. मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक संबोधन ‘मन की बात’ में कहा कि जब देश राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती मना रहा है, तब ऐसे में हम प्लास्टिक के खिलाफ एक नया जन-आंदोलन आरंभ करेंगे. उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक कचरे के उचित संग्रह एवं भंडारण और निपटारे के प्रयासों का आह्वान किया.

GST

इन उत्पादों पर बढ़ेगा जीएसटी- सरकार ने ट्रेन के सवारी वाले डिब्बे और वैगन पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी कर दिया है. वहीं पेय पदार्थों पर जीएसटी 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी की दर से टैक्स और 12 फीसदी का एक्स्ट्रा सेस लगेगा.

SBI

भारतीय स्टेट बैंक में होगा ये बदलाव – देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसीबीआई) में भी एक अक्टूबर से नया नियम लागू होगा. नए नियम के चलते बैंक की तरफ से निर्धारित मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) को मेंटेन नहीं करने पर जुर्माने में 80 प्रतिशत तक की कमी आएगी. अभी बैंक अकाउंट अगर मेट्रो सिटी और शहरी इलाके की शाखा में है, तो आपको खाते में एवरेज मंथली बैलेंस क्रमश: 5,000 रुपए और 3,000 रुपए रखना होता है. इसके अलावा 1 अक्‍टूबर से एसबीआई के ग्राहक मेट्रो शहरों के एसबीआई एटीएम में से मैक्सिमम 10 बार फ्री डेबिट ट्रांजेक्शन कर सकेंगे, अभी यह लिमिट 6 ट्रांजेक्‍शन की है. जबकि, अन्य शहरों के एटीएम से मैक्सिसम 12 फ्री ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा.

home loan

सस्ते होंगे होम और ऑटो लोन- एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक समेत निजी क्षेत्र के फेडरल बैक ने 1 अक्टूबर 2019 से अपनी खुदरा कर्ज की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ने का फैसला किया है. इससे बैंक ग्राहकों को करीब 0.30 प्रतिशत तक सस्ती दरों पर होम और ऑटो लोन मिल सकेगा.

hotel

इन चीजों पर कम होगी जीएसटी दर- अब 1000 रुपए तक किराए वाले होटल पर टैक्स नहीं लगेगा. वहीं, इसके बाद 7500 रुपए तक टैरिफ वाले रूम के किराए पर अब सिर्फ 12 प्रतिशत जीएसटी देना होगा. इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने 10 से 13 सीटों तक के पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सेस को घटा दिया गया है.