बेंगलुरू: सॉफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के तीन कर्मचारियों को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. सोमवार को पुलिस ने कहा कि ये तीनों अवैध तरीके से करदाताओं से संपर्क करते थे और टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर पैसे मांगते थे. आयकर विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर आरोपियों को धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है. Also Read - Coronavirus: उत्तराखंड में कर्मचारियों पर देश में 'महामारी एक्ट' के तहत पहला केस

बेंगलुरू के दक्षिण-पूर्व डिवीजन के पुलिस उपायुक्त जोशी श्रीनाथ महादेव ने बताया कि करदाताओं को संपर्क करने और उन्हें कुल राशि के चार फीसदी के बदले में कर छूट दिलाने का वादा करने के कारण इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है. महादेव ने इनकी पहचान बेंगलुरू स्थित इंफोसिस के रेणुगुंटा कल्याण कुमार, प्रकाश और देवेश्वर रेड्डी के तौर पर की है. महादेव ने आगे बताया, “शहर की एक अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. डीसीपी ने बताया कि आयकर विभाग और इंफोसिस के बीच एक अनुबंध था, जिसके तहत कंपनी के कर्मचारियों को करदाताओं की गुप्त जानकारियां दी जाती थीं. Also Read - अब भ्रष्ट अफसर-कर्मचारी नहीं जा पाएंगे विदेश यात्रा पर, सरकार नहीं देगी पासपोर्ट

महादेव ने कहा कि जब भी संबंधित जानकारियां प्राप्त होती थीं, इंफोसिस के ये कर्मचारी इन्हें आगे की जांच और प्रक्रिया के लिए आयकर विभाग को देते थे. अधिकारी ने कहा कि ये कर्मचारी धोखाधड़ी की गतिविधियों में एक महीने से लिप्त थे और अवैध तरीके से इन्होंने चार लाख रुपये कमाए थे, जो बरामद किए गए हैं. आयकर विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर आरोपियों को धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है. Also Read - इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के नये वित्त मंत्री