
Anjali Karmakar
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास कॉम में मास्टर्स डिग्री. 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ... और पढ़ें
अगर आप रेगुलर कार या बाइक ड्राइव करते हैं, तो कभी न कभी किसी न किसी वजह से आपका चालान जरूर कटा होगा. कई बार चालान की रकम बहुत ज्यादा होती है. कुछ मामलों में ट्रैफिक पुलिस मामूली गलती पर भी ज्यादा रकम का चालान काट देती है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो फिक्र करने की जरूरत नहीं है. आपके पास इसी महीने अपने चालान को माफ करवाने का शानदार मौका है.
लोक अदालतों में माफ हो जाते हैं ऐसे ट्रैफिक चालान
लोक अदालत को आप गांव की पंचायत का मॉर्डन स्वरूप मान सकते हैं. देश में लोक अदालत समय-समय पर लगती है, जिसमें लोगों के ट्रैफिक चालान समेत कई तरह के मामलों का निपटारा कर दिया जाता है. इसमें न तो कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाना पड़ता है. न वकील की महंगी फीस देनी पड़ती है. कई बार तो चालान की रकम कम कर दी जाती है और कई बार तो इसे माफ भी कर दिया जाता है.
दिल्ली में कब और कहां-कहां लगेंगी लोक अदालतें?
दिल्ली में इस बार 13 दिसंबर को लोक अदालतें लगने जा रही हैं. ये साल की आखिरी लोक अदालत है.ये लोक अदालतें दिल्ली के द्वारका कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, राउज एवेन्यू कोर्ट, साकेत कोर्ट और तीस हजारी कोर्ट में चलाए जाते हैं.
लोक अदालतों में किन मामलों की होती है सुनवाई?
लोक अदालत में हर तरह के मामलों की सुनवाई होती है. आम तौर पर लोग ट्रैफिक चालान जैसे सामान्य केस का निपटारा करवाने ही इन अदालतों में जाते हैं. यहां सामान्य ट्रैफिक उल्लंघन जैसे सीट बेल्ट न लगाना, हेलमेट न पहनना या रेड लाइट जंप करना, गलत जगह पर पार्किंग करना जैसे मामलों की सुनवाई होती है. अगर आपकी गाड़ी किसी आपराधिक गतिविधि या दुर्घटना में शामिल नहीं थी, तो आपका चालान कम या माफ किया जा सकता है.
कौन से ट्रैफिक चालान हो जाते हैं माफ?
लोक अदालत में छोटे से लेकर बड़े ट्रैफिक चालान को माफ किया जाता है. इनमें सीट बेल्ट बिना पहने कार चलाना, बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चलाना, रेड लाइट तोड़ना, गलती से कटा चालान, स्पीड लिमिट तोड़ना, PUC सर्टिफिकेट न होना, गलत जगह पर गाड़ी पार्क करना,ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाना, व्हीकल फिटनेस सर्टिफिकेट न होना, गलत लेन में ड्राइविंग करना, ट्रैफिक साइन की अनदेखी करना, बिना नंबर प्लेट के व्हीकल चलाना जैसे मामले शामिल हैं.
ऐसे चालान नहीं होंगे माफ
अगर चालान रेगुलर कोर्ट में भेजा गया है, तो लोक अदालत में समझौता नहीं होगा. लोक अदालत में नशे में ड्राइविंग करना, हिट-एंड-रन के मामले, लापरवाही से ड्राइविंग के कारण किसी की मौत होना, नाबालिग का व्हीकल ड्राइविंग करना, अनधिकृत रेसिंग या स्पीड ट्रायल करना, व्हीकल का क्राइम के लिए इस्तेमाल करने देने पर कटा चालान माफ नहीं होगा. वहीं, पेंडिंग कोर्ट केस वाले ट्रैफिक चालान, दूसरे राज्य में कटे ट्रैफिक चालान पर भी सुनवाई नहीं होगी.
टाइम से पहुंचना जरूरी
लोक अदालत में टाइम पर पहुंचना जरूरी है. लोक अदालत के तय समय से आधा घंटा पहले पहुंचना चाहिए. अगर आप समय से नहीं जाते हैं तो आपके मामले की सुनवाई नहीं की जाती है.
कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
अगर आपका ट्रैफिक चालान कट गया है और आप लोक अदालत में जाकर इसे माफ करवाना चाहते हैं, तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का RC, इंश्योरेंस के पेपर्स, वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, चालक की आईडी (आधार, पैन या वोटर कार्ड), चालान की कॉपी की जरूरत पड़ेगी. इसके साथ ही आपको अपने साथ कोर्ट का नोटिस या समन भी ले जाना होगा.
अगर जुर्माना भरना पड़े तो?
अगर लोक अदालत में आपको कम जुर्माना भरने का आदेश दिया जाता है, तो आपको तुरंत पेमेंट करना होगा. कोर्ट परिसर में मौजूद कैश काउंटर पर जाएं और जुर्माना भरें. अगर डिजिटल पेमेंट की सुविधा हो, तो UPI, डेबिट कार्ड, या ऑनलाइन बैंकिंग से पेमेंट कर सकते हैं. इसके बाद आपको रिसिप्ट दे दी जाएगी. बस आपके मामले का निपटारा हो गया.
अगर जुर्माना नहीं भरा तो?
3 महीने के भीतर ट्रैफिक e-चालान का पेमेंट न करने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है. गाड़ी का चालान नहीं भरने पर आपके व्हीकल को जब्त किया जा सकता है, ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और आपको जेल हो सकती है.
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