नई दिल्ली: उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को केबल और प्रसारण सेवाओं के लिए नई नियामकीय रूपरेखा पेश की. इसके तहत केबल टीवी के ग्राहक कम कीमत पर अधिक चैनल देख सकेंगे. Also Read - CES 2021 Key Points: यह है दुनिया का सबसे बड़ा टेक शो, जानें किन प्रोडक्ट्स पर से हटा परदा

खास बात यह है कि नियामक ने उपभोक्ताओं द्वारा सभी ‘फ्री टू एयर’ चैनलों के लिए दिए जाने वाले मासिक शुल्क की सीमा 160 रुपए तय कर दी है. ट्राई ने 200 चैनलों के लिए अधिकतम एनसीएफ शुल्क (कर रहित) को घटाकर 130 रुपए कर दिया है. Also Read - एक जनवरी से बदल जाएगा आपका मोबाइल नंबर, 10 के बदले 11 डिजिट होंगे, जानिए

ट्राई ने बयान में कहा कि कई टीवी वाले घर यानी जहां एक से अधिक टीवी कनेक्शन एक व्यक्ति के नाम पर हैं, वहां दूसरे और अतिरिक्त टीवी कनेक्शनों के लिए घोषित नेटवर्क क्षमता शुल्क (एनसीएफ) का अधिक 40 प्रतिशत तक लिया जाएगा. Also Read - Mobile Number with 0 new rule from 1 January: नए साल में बदल जाएगा लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने का तरीका, नंबर से पहले लगाना होगा '0'

विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा के बाद ट्राई ने 200 चैनलों के लिए अधिकतम एनसीएफ शुल्क (कर रहित) को घटाकर 130 रुपए कर दिया है. इसके अलावा नियामक ने फैसला किया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को अनिवार्य घोषित किया है, उन्हें एनसीएफ चैनलों की संख्या में नहीं गिना जाएगा.

ट्राई ने इसके अलावा वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (डीपीओ) को लंबी अवधि यानी छह महीने अथवा अधिक के सब्सक्रिप्शन पर रियायत देने की भी अनुमति दे दी है.