आयकर विभाग के छापे के बाद भारत में सबसे सस्ते स्मार्टफोन के पीछे का राज़ हुआ साफ़। दरअसल, संचार मंत्रालय के तहत आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का यह कहना है की कंपनी की तरफ से जो प्लान पेश किया गया वह किसी भी तरीके से एक गंभीर कंपनी का काम नहीं लगता। चलिए आपको बतातें है पूरा मामला। Also Read - Man who promised Rs 251 smartphone held in Ghaziabad | 251 रु. में मोबाइल का वादा करने वाली कंपनी का डायरेक्टर हिरासत में

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आपको बता दें की मिली खबर के मुताबिक कंपनी भारत में इस स्मार्टफोन को बनाने नहीं वाली बल्कि वह लगभग 50 लाख फोन पहले आयात करेगी। ऐसा करने के बाद कंपनी बाद में इस स्मार्टफोन का निर्माण भारत में करती। आपको याद होगा की कंपनी के विज्ञापन लगातार यह दावा करते रहे हैं ‘फ्रीडम 251’ भारत निर्मित मोबाइल फोन है। मगर सच कुछ और निकला। यहां तक की कंपनी ने अपने आमंत्रण पत्र में भी बात का जिक्र किया था। यह भी पढ़ें: Freedom 251: जानिए, सबसे सस्ते फ़ोन का कितना है मुनाफा Also Read - Take a Selfie with Sunny Leone through Ringing Bells Loyalty Card | सनी लियॉन का Exclusive ऑफर, सिर्फ 500 रुपये में इस बेबी डॉल के साथ बिताएं शाम

मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक कंपनी का प्लान बहुत ही कमज़ोर है। वहीं कंपनी जिस प्लान की तहत यह काम कर रही है उससे यह स्मार्टफोन की मांग को कभी पूरा नहीं कर पाएगी । साथ ही कंपनी ने अपनी एक और गलती को मानी है। कंपनी ने स्वीकार किया कि उसने अपने उत्पाद के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की अनुमति नहीं ली है जो की गलत है। आपको बता दें की कंपनी के पास अब तक 30 हज़ार ग्राहकों के स्मार्टफोन बुक करने के कीमत प्राप्त हो गए हैं। इस राशि को कंपनी ने एक अलग खाते में रखा है। अब देखने वाली बात यह होगी की क्या कंपनी लोगो को उनके पैसे वापस देती है या फिर स्मार्टफोन।