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नई दिल्ली, 28 फरवरी | केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को संपत्ति कर समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने धन्नासेठों पर दो प्रतिशत का अधिभार लगाने का भी प्रस्ताव किया। जेटली ने वित्त वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में कारोबार को आसान बनाने और कर प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित कर ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ मुहैया कराना है। यह भी पढ़ें–बजट २०१५: वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत बजट का सीधा प्रासारण Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- 6 सालों में हुए चौतरफा काम, अब बढ़ा रहे हैं उसकी गति और दायरा

उन्होंने कहा, “देश में 2013-14 में इकट्ठा किया गया कुल संपत्ति कर 1,008 करोड़ रुपये था। क्या अधिक मात्रा में संग्रहित किए गए या कम लाभ वाली कर व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए या उसे कम लागत या उच्च मुनाफे की कर व्यवस्था के साथ बदल देना चाहिए?” जेटली ने संपत्ति कर समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि अत्यंत धनी व्यक्तियों की एक करोड़ से अधिक की आय पर दो प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार लगाने के साथ ही इस व्यवस्था को बदला जाएगा। यह भी पढ़ें– नागालैंड, ओडिशा में स्थापित होंगे शोध संस्थान

उन्होंने कहा कि इस अधिभार से लगभग 9,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त होगा।  इससे कर की प्रक्रियाएं आसान बनेगी और वित्त विभाग कर अनुपालन और कर आधार को विस्तृत करने पर अधिक ध्यान दे सकेगा।