नई दिल्ली: नए जानादेश के साथ लौटी मोदी सरकार ने गांव, गरीब और किसान को सरकारी नीतियों के केंद्र में रखने के नारे के साथ पेश अपने बजट में बड़ी संख्या में कंपनियों के लिए कर भार कम करने और विदेशी निवेश को आसान बनाने सहित आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के कई उपायों की घोषणा की है. लेकिन वित्तीय चुनौतियों के बीच पेश इस बजट से राहत की उम्मीद लगाए बैठे नौकरीपेशा और मध्य वर्ग की उम्मीदें धरी रह गई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुये सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का नकदी संकट दूर करने के उपायों की घोषणा की है. बजट में कहा गया है कि सरकारी बैंक एनबीएफसी कंपनियों के एक लाख करोड़ रुपए के ऋण खरीद सकते हैं और बैंकों को इसके लिए एकबारगी अल्प अवधि की क्रेडिट गारंटी दी जाएगी.

UNION BUDGET 2019: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट, ये हैं खास बातें

-पेट्रोल, डीजल पर उपकर और सोने पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए वाहन ऋण पर कर छूट का लाभ दिया गया है. बजट में दो करोड़ रुपए से अधिक कमाई करने वालों पर कर अधिभार बढ़ाने का प्रस्ताव है.

45 लाख रुपए तक का मकान खरीदने के लिए 31 मार्च, 2020 तक लिए गए होम लोन पर ब्याज में डेढ लाख रुपए की अतिरिक्त कर छूट देने की भी घोषणा की. इसी प्रकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देते हुए उनकी खरीद के कर्ज पर ब्याज में डेढ़ लाख रुपए तक की कर कटौती का प्रस्ताव किया है.

Union Budget 2019: बजट में कौन सी चीजें महंगी और कौन होंगी सस्‍ती, देखें लिस्‍ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अधिकांश कंपनियों को निम्न 25 प्रतिशत कर के दायरे में ला दिया है. यह सीतारमण का पहला बजट है.

– बजट में सस्ते मकानों के लिये बैंक कर्ज पर अब 3.5 लाख करोड़ रुपए तक के ब्याज पर कर कटौती की छूट देने की घोषणा की गई है. अभी आवास रिण के दो लाख रुपए तक के ब्याज पर आयकर छूट दी जाती है.

Union Budget 2019: पेट्रोल, डीजल पर उपकर में एक रुपए की बढ़ोतरी, सोना भी होगा महंगा

– बजट में पर्यावरण सुरक्षा के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन दिया गया है. इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैंक रिण पर 1.5 लाख रुपए तक के ब्याज पर कर की छूट मिलेगी .

– स्टार्ट अप को बढ़ावा देते हुए उनके लिये नियमों को सरल बनाया, विभिन्न प्रकार की जांच- पड़ताल से छूट होगी.

– सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी बढ़ाने के लिए चालू वित्त वर्ष में 70,000 करोड़ रुपए की पूंजी डाली जाएगी.
– सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ बैंकों का निजीकरण कर संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव किया गया है.

Union Budget 2019: सरकार कुछ सार्वजनिक उपक्रमों में 51% से कम करेगी अपनी हिस्‍सेदारी

– कर बोझ कम करने की उद्योग जगत की मांग पर गौर करते हुए 400 करोड़ रुपए सालाना कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कंपनी कर की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी.

– इस कदम से 99.3 प्रतिशत कंपनियां कम कर के दायरे में आ जाएगी.
– अब तक 250 करोड़ कारोबार करने वाली कंपनियां पर ही 25 प्रतिशत की दर से कर लगाया जा रहा था.

Union Budget 2019: डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई कदमों की घोषणा की

– आम वेतनभोगी तबके को आयकर के मामले में कोई नई राहत नहीं
– अंतरिम बजट में की गई घोषणा को दोहराते हुए सीतारमण ने 5 लाख रुपए सालाना की करयोग्य आय वालों को कर छूट जारी
रखी है.

Union Budget 2019: पेट्रोल, डीजल पर उपकर में एक रुपए की बढ़ोतरी, सोना भी होगा महंगा

– वित्त मंत्री ने संसाधन जुटाने के लिए दो करोड़ रुपए और उससे अधिक कमाई करने वालों पर अधिभार बढ़ाने की घोषणा की है.

– दो करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपए तक और पांच करोड़ रुपए से अधिक की करयोग्य आय पर क्रमश: तीन प्रतिशत और सात प्रतिशत तक अधिभार बढ़ जाएगा.

Union Budget 2019: व‍ित्‍त मंत्री ने कहा- पैन कार्ड नहीं है तो आधार के जरिए भरें आईटी रिटर्न

– अब तक 50 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक की सालाना कमाई करने वालों पर 10 प्रतिशत की दर से और एक करोड़ रुपए से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत की दर से अधिभार लागू है.

– नई घोषणा में दो से पांच करोड़ और पांच करोड़ रुपए से अधिक पर अधिभार बढ़ाया गया है.

– बढ़े अधिभार से इस आय वर्ग के करदाताओं की प्रभावी कर दर तीन से सात प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.

– पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक रुपए अतिरिक्त विशेष उत्पाद शुल्क और उपकर

मीडिया, विमानन, बीमा, एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई नियमों को उदार करेगी सरकार