नई दिल्लीः आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण(Nirmala Sitharaman) संसद में आम बजट(Union Budget 2020-2021) पेश करेंगी. आम बजट के साथ ही रेल बजट(Rail Budget 2020) पेश किया जाएगा. 2017 से पहले देश में आम बजट और रेल बजट दोनो ही अलग अलग पेश होते थे लेकिन 21 सितंबर 2016 को मोदी सरकार ने रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश करने का फैसला लिया. 1 फरवरी 2017 वह पहला साल था जब रेल बजट पहली बार आम बजट के साथ पेश किया गया. Also Read - वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 10.71 लाख करोड़ रुपये हुआ

रेलवे भारत में ट्रांसपोर्टेशन का एक प्रमुख साधन है और सरकार इसे लगातार और मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है. माना जा रहा है कि सरकार रेल बजट में रेलवे के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है जिससे रेलवे का कायाकल्प हो. Also Read - 7th Pay Commission: लाखों केंद्रीय कर्मियों के लिए खुशखबरी! DA को लेकर आई यह अच्छी खबर...

आपको बता दें कि यह पांचवां ऐसा मौका है जब आम बजट के साथ रेल बजट पेश हो रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार इस बार रेलवे को लगभग 80 हजार करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती है ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पिछली बार सरकार ने रेलवे को 65,873 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था जो इस बार बढ़ सकता है. रेलवे बजट में यह भी संभावना जताई जा रही है कि सरकार इस बार 40 से 50 नए स्टेशनों के निर्माण की भी घोषणा कर सकती है. Also Read - Indian Railway Recruitment 2021: 10वीं पास के लिए रेलवे में निकली बंपर वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया शुरू, इस Direct Link से जल्द करें अप्लाई

सरकार ने पिछले साल एक ट्रेन तेजस को प्राइवेट सेक्टर में ट्रायल के लिए सौपा था लेकिन रेल बजट में यह भी माना जा रहा है कि सरकार कुछ और ट्रेनों को प्राइवेट सेक्टर में देने की बात कह सकती है जिनकी संख्या लगभग पांच हो सकती है. अगर सूत्रों की मानें तो पांच और ट्रेनें IRCTC को दी जा सकती हैं, जिन्हें पहले IRCTC चलाएगी और बाद में इन्हें प्राइवेट प्लेयर को सौंपा जा सकता है

भारतीय रेलवे(Indian Railway) अपनी कमाई का लगभग 50 हजार करोड़ केवल पेंशनर्स को दे देता है ऐसे में रेलवे की सरकार से उम्मीद है कि रेलवे कर्मियों के पेंशन के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी. उम्मीद है कि आज के रेल बजट में इसकी घोषणा हो सकती है. स्टेशनों और रेल डिब्बे को आधुनिक बनाने के साथ साथ पटरियों के दोहरीकरण पर भी जोर दिया जा सकता हैं. इसके साथ ही कई आधुनिक ट्रेनों के निर्माण पर भी बजट में फोकस किया जा सकता है.