Solar Energy Hub: उत्तर प्रदेश के गांवों में सस्ती बिजली का उत्पादन करके पहली बार यूपी सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने जा रही है. इसके लिये राज्य को सोलर एनर्जी का सबसे बड़ा हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है. सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यूपी को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है. सोलर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार प्रदेश में 1535 मेगावाट की परियोजना पर मुहर लगा चुकी है.Also Read - रात में भी सौर ऊर्जा से जगमग होंगे झारखंड के पांच हवाई अड्डे, देखें तस्वीरें

7500 करोड़ रुपये के खर्च से आकार ले रही इन परियोजनाओं के जरिये राज्य सरकार प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र बड़ा परिवर्तन लाने की तैयारी में है. Also Read - Solar Energy Production: चार वर्षों में 10,000 मेगावाट के पार होगा सौर ऊर्जा उत्पादन

परियोजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा नीति के तहत सौर ऊर्जा इकाई स्थापना करने वालों को स्टाम्प शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी है. परियोजना के तहत 420 मेगावाट क्षमता की 24 सौर पावर परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं. इसी का नतीजा है कि सौर ऊर्जा उत्पादन अब बढ़कर 74 मेगावाट हो गया है. Also Read - Xiaomi बना रहा है सोलर पैनल वाला स्मार्टफोन, ऑटोमेटिक चार्ज होगा फोन

राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार गांवों में सोलर पंपों से किसाने खेतों की सिंचाई करते दिखेंगे. यही नहीं सरकार गांव में 225 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापित करने जा रही है.

गांवों में खेतों की सिंचाई के लिये 18823 सोलर पम्प स्थापित किये जाने में तेजी लाई गई है. गरीब, ग्रामीण परिवारों के घरों में एक लाख 80 हजार सोलर पावर पैक संयंत्र की स्थापना से प्रदेश के गांव भी नए स्वरूप में नजर आने लगेंगे.

उत्तर प्रदेश सरकार की परियोजना का असर गांवों में दिखाई देने लगा है. कई गांवों के बाजारों व सड़क सोलर स्ट्रीट लाइटों से जगमगाना शुरू हो गई हैं. पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइ योजना के तहत ग्रामीण बाजारों में 25304 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की जानी है. इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना में चयनित राजस्व ग्रामों में 13791 सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना होगी.

सरकार की ओर से जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत 2480 करोड़ रुपये का निजी निवेश आमन्त्रित किया गया है. इसकी मदद से 720 करोड़ रुपये की लागत की 180 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पाद इकाइयां स्थापित की जाएंगी. सरकार ने वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा की बचत के लिये ‘ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता 2018’ लागू की है.

सरकार के प्रयासों से अब तक 3400 सोलर आरओ वाटर संयंत्रों की स्थापना प्राथमिक विद्यालयों में करवाई गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना के तहत 67 लाख 9 हजार 767 उपभोक्ताओं को ब्याज अधिभार में छूट दी गई है. यही नहीं अब गांव के लोग घर बैठे ऑनलाइन विद्युत संयोजन के लिए ई-संयोजन एप योजना का उपयोग कर रहे हैं . 21 लाख 25 हजार 543 उपभोक्ताओं के घरेलू विद्युत बिलों पर सम्पूर्ण सरचार्ज माफ कर बड़ी राहत सरकार ने दी है. किसानों के 39767 निजी नलकूपों के बिजली बिल पर सम्पूर्ण सरचार्ज भी माफ कर दिया गया है.

हर गांव की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ ही गांव-गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य भी उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से युद्धस्तर पर किया जा रहा है. 7786.52 स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट किलोमीटर 33 के.वी. लाइनों का निर्माण कराया जा रहा है. 24 जनपदों में 32 स्थानों पर भूमिगत केबिल के कार्य किये गये हैं. आई.पी.डी.एस. योजना के अन्तर्गत 4024 स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट किमी के सापेक्ष 3682 स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट किमी भूमिगत केबिल का कार्य भी पूरा कर लिया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि बन गया है.

(IANS)