UPI Digital Payment: नये साल पर डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को झटका लगेगा, क्योंकि नये साल यानी एक जनवरी से यूपीआई ट्रांजैक्शन महंगा हो जाएगा. देश में नोटबंदी किए जाने के बाद से यूपीआई ट्रांजैक्शन में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई. इसके बाद कोरोना महामारी के दौरान इसमें और भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. Also Read - RBI Recruitment 2021: RBI में नौकरी करने का सुनहरा अवसर, इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, लाखों में होगी सैलरी

इसके अलावा बड़े महानगरों के साथ-साथ अब गांवों में डिजिटल पेमेंट काफी तेज गति से किया जाने लगा है. लेकिन अब यह डिजिटल पेमेंट ग्राहकों के लिए महंगा साबित होने जा रहा है. दरअसल, अब सरकार ने इस सुविधा पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है. अगर कोई थर्ड पार्टी के ऐप्स का इस्तेमाल करके यूपीआई से पेमेंट करता है तो उसको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा. Also Read - RBI Recruitment 2021: 10वीं पास के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक में नौकरी करने का सुनहरा मौका, इस बंपर वैकेंसी के लिए Direct Link से करें आवेदन  

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 1 जनवरी से UPI के जरिए पेमेंट के लिए एक्सट्रा चार्ज लगाने का फैसला लिया है. NPCI ने देश भर में नए साल से थर्ड पार्टी ऐप पर 30 फीसदी का कैप लगा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जा रहा है कि एनपीसीआई ने यह फैसला भविष्य में किसी भी थर्ड पार्टी ऐप की मोनोपॉली रोकने और साइज के हिसाब से उसे मिलने वाले खास फायदे को रोकने के लिए किया है. Also Read - RBI Recruitment 2021: भारतीय रिजर्व बैंक में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया आज से हुई शुरू, जल्द करें अप्लाई

अब डिजिटल पेमेट करने वाले ग्राहकों को फोनपे, गूगलपे, एमेजॉन पे जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से पेमेंट करने पर एक्सट्रा चार्ज देना होगा. हालांकि, पेटीएम जैसे ऐप पर एनसीपीआई ने कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगाया है.

सरकार ने जो आंकड़ा दिया है उसके मुताबिक, देश में हर महीने तकरीबन 200 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन किए जा रहे हैं. अब आने वाले दिनों में देश में यूपीआई ट्रांजैक्शन का ग्राफ और तेजी से बढ़ेगा. यह डिजिटल भारत के लक्ष्य के लिए एक बेहतर संकेत है. ऐसे में यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में किसी एक थर्ड पार्टी ऐप के एकाधिकार की संभावना हो सकती है, जो उचित नहीं लगती है.

गौरतलब है कि जल्‍द ही RTGS की सुविधा 24 घंटे के लिए उपलब्ध होने वाली है. अब ग्राहक अगले कुछ दिनों में 24 घंटे आरटीजीएस ट्रांजैक्शन कर पाएंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम को अगले कुछ दिनों में 24 घंटों के लिए उपलब्ध किया जाएगा. रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट (RTGS) सिस्‍टम का इस्‍तेमाल बड़ी राशि के ट्रांजैक्‍शन के लिए होता है. इससे बैंक ग्राहकों को फंड ट्रांसफर करने में आसानी होगी. जिससे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी.