वाशिंगटन : अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें घटाने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग को दरकिनार करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. फेडरल रिजर्व ने मंगलवार को शुरू हुई अपनी दो-दिवसीय बैठक खत्म होने के बाद बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि फेड की नीति निर्माण समिति ‘फेडरल ओपन मार्केट कमिटी’ ने फेडरल फंड्स के लिए लक्ष्य सीमा 2.25 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत पर ही कायम रखने का फैसला किया है.Also Read - PM Narendra Modi US Visit: प्रधानमंत्री मोदी के 7 साल और 7 बार अमेरिका यात्रा, जानें कब क्या हुआ खास

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, फेड ने बयान में कहा कि मार्च से श्रम बाजार में ‘मजबूती बनी हुई है’, जबकि पहली तिमाही में घरेलू खर्च और व्यापार में निश्चित निवेश में गिरावट दर्ज की गई है. इस बैठक से पहले ट्रंप ने मंगलवार को फेड द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि करने की फिर से आलोचना की थी और केंद्रीय बैंक से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरें कम करने का आग्रह किया था. Also Read - American Federal Reserve: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों का जल्द दिख सकता है असर

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ट्रंप ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा था, ‘मुद्रास्फीति कम होने के बावजूद हमारे फेडरल रिजर्व ने लगातार ब्याद दरें बढ़ाई हैं.’ ट्रंप ने कहा, ‘अगर हम ब्याज दरें थोड़ी घटा दें तो हमारी अर्थव्यवस्था रॉकेट की तरह ऊपर जा सकती है.’

बाहरी राजनीतिक दबाव को लेकर पूछे गए एक सवाल पर फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने बुधवार को केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता का बचाव किया. पॉवेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, ‘हम एक गैर-राजनीतिक संस्था हैं और इसका अर्थ है कि हम संक्षिप्त अवधि के राजनीतिक विचारों के बारे में नहीं सोचते.’ उन्होंने कहा, ‘हम उन पर कोई चर्चा नहीं करते और हम किसी भी तरह अपने फैसले लेते समय उन पर विचार नहीं करते.’ पॉवेल ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख इस समय बिल्कुल उचित है.