मुंबई: हीरा व्यापारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चोकसी से संबंधित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 11 हजार करोड़ से अधिक घोटाले मामले में बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक उषा अनंत भी सवालों के घेरे में आ गई हैं.  सीबीआई ने उनसे पूछताच की है वहीं दो सेवारत महाप्रबंधकों को भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया है. इसके अलावा बैंक कंसोर्टियम के नेता आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक एन एस कन्नन ने भी गीतांजली ग्रुप को उधार देने के संबंध में सवाल उठाया है.

सोमवार को नीरव मोदी द्वारा किए गए इस 11,300 करोड़ रुपए के घोटाले में 1,300 करोड़ रुपये के और घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसके बाद बैंक को लगी कुल चपत की रकम बढ़कर 12,600 करोड़ रुपये हो गई है. बैंक द्वारा रात 11.22 बजे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, “14 फरवरी 2018 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई हमारी सूचना के संबंध में हम आगे बताना चाहते हैं कि बैंक में हुए अनाधिकृत लेनदेन की रकम बढ़कर 20.42 करोड़ डॉलर हो सकती है.”

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को कहा कि करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के संबंध में पीएनबी के कार्यकारी निदेशक के.वी. ब्रह्माजी राव, दो महाप्रबंधों और एक सेवानिवृत्त अधिकारी से पूछताछ की है. आयकर विभाग ने भी कहा कि उन्होंने इस घोटाले में शामिल चोकसी के 66 और बैंक खाते जब्त कर लिए हैं. इससे पहले पीएनबी ने कहा था कि उसे मुंबई की ब्राडी हाउस शाखा में 1.8 अरब डॉलर की धोखाधड़ी का पता चला है.

पीएनबी ने प्रारंभ में इस तरह के अनाधिकृत लेनदेन की कुल राशि लगभग 11,300 करोड़ रुपये बताई थी. बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई इस नई जानकारी के बाद मंगलवार को बैंक के शेयरों में काफी गिरावट आ गई.