लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में पतंजलि समूह के प्रस्तावित फूड पार्क को सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक ने योग गुरु बाबा रामदेव-प्रचारित पतंजलि समूह को भूमि सब्सिडी प्रदान करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी.

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित फूड पार्क निवेश लाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और राज्य में किसानों की मदद भी करेगा. पतंजलि को यमुना एक्सप्रेसवे के साथ एक मेगा फूड प्रोजेक्ट पार्क स्थापित करने के लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है. राज्य सरकार ने पहले पतंजलि आयुर्वेद को सब्सिडी दी थी और आवंटित की गई 455 एकड़ जमीन में से 9 एकड़ को फूड पार्क स्थापित करने के लिए अपनी सहायक कंपनी को हस्तांतरित कर दिया था. अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसकी सहायक पतंजलि फूड और हर्बल पार्क को भी सब्सिडी दी जाएगी.

आचार्य बालकृष्ण ने यूपी सरकार पर लगाया था ये आरोप
बता दें कि जून 2018 में पतंजलि समूह के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने राज्य सरकार द्वारा असहयोग का आरोप लगाते हुए परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की घोषणा की. उनके बयान के तुरंत बाद, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को परियोजना की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने और समूह की शिकायतों को सुनने का निर्देश दिया. बाद में दोनों पक्षों के अधिकारियों ने एक बैठक की और सरकार ने एक बयान जारी किया कि परियोजना उत्तर प्रदेश में रहेगी. पतंजलि फूड पार्क की आधारशिला यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में रखी थी.