लखनऊ: अगर आप को लगता है कि ओडीओपी के तहत उत्तर प्रदेश केवल लखनऊ के चिकन, बनारसी साड़ी, भदोही का कालीन या केवल कन्नौज का इत्र निर्यात करता है, तो शायद आप गलत हैं. अगर आपको वैश्विक बाजार तक पहुंच बना रहे यूपी के अनोखे उत्पादों की विस्तृत रेंज देखनी हो, तो 21 और 22 सितंबर को आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय वाणिज्य उत्सव एक अच्छा मौका है. राजधानी लखनऊ में दो दिन तक यूपी के खास उत्पादों और उनकी पूरी रेंज का जलवा रहेगा. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ कर सकते हैं. इसमें प्रदेश के प्रमुख निर्यात योग्य उत्कृष्ट ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) उत्पादों का प्रदर्शन किया किया जाएगा.Also Read - यूपी में 'अब्बा जान' वाले बयान पर सीएम योगी के खिलाफ बिहार में केस दर्ज, 22 सितम्बर को सुनवाई

उत्सव के दौरान अलग-अलग उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जायेगा. इन सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा निर्यात से सम्बन्धित विभिन्न प्रासंगिक विषयों पर चर्चा करेंगे. साथ ही निर्यात बढ़ाने के लिए निर्यातकों से विचार-विमर्श के आधार पर इस बाबत एक ठोस रणनीति भी तैयार की जाएगी. Also Read - UP Assembly Election 2022: कांग्रेस का बड़ा बयान-प्रियंका के नेतृत्व में खुद के बूते लड़ेंगे चुनाव, सीएम फेस भी तय है

इसी सिलसिले में वाणिज्य सप्ताह के तहत 24 से 26 सितंबर के दौरान जिला स्तर पर एक दिवसीय निर्यातक सम्मेलन का आयोजन होगा. जिन जिलों की अपने खास उत्पादों के कारण देश-दुनिया में मुकम्मल पहचान और मांग है, उन जिलों में ये मेले वृहद स्तर पर आयोजित होंगे. इससे इनकी बेहतर ब्रांडिंग होगी. इनके निर्यात की संभावनाएं और बढ़ जाएंगी. इसके लिए सरकार ने गौतमबुद्ध नगर , गाजियाबाद , मेरठ , मुरादाबाद , आगरा , अलीगढ़ , कानपुर नगर , उन्नाव , लखनऊ , वाराणसी , भदोही एवं मिजार्पुर को चुना है. Also Read - वरुण गांधी ने सीएम योगी को लिखी चिट्ठी, गन्ने की कीमत दोगुनी करने की मांग, बोले- उम्मीद है भूमिपुत्रों की बात जरूर सुनी जाएगी

इन सभी जिलों में निर्यातक सम्मेलनों का आयोजन वृहद स्तर पर किया जाना है. इन आयोजनों में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में वाणिज्य विभाग के अधिकारी, केंद्रीय मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी आमंत्रित होंगे. बाकी जिलों के सम्मेलनों में उस जिले के प्रभारी मंत्री भी प्रतिभाग करेंगे. इन आयोजनों में जिले से निर्यात किए जाने जाने वाले उत्पादों सहित ओडीओपी प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा. साथ ही प्रमुख निर्यातकों व उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा. इन जिलों में वहां के निर्यात योग्य उत्पादों के बेहतर संभावनाओं पर विशेषज्ञ उत्पादकों एवं निर्यातकों के साथ तकनीकी सत्रों में चर्चा करेगें.

अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि निर्यात के माध्यम से ओडीओपी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे बहुत लोग को रोजगार मिलेगा.

(With IANS Inputs)