नई दिल्‍ली: कैफे कॉफी डे के चेयरमैन वी.जी. सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता हैं और उनकी तलाश के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं. कैफे कॉफी डे (सीसीडी) ब्रांड नाम से कॉफी रेस्तरां चलाने वाली कंपनी कॉफी डे एंटरप्राइजेज के संस्थापक, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री एस.एम कृष्णा के दामाद हैं. लापता होने से पहले सिद्धार्थ ने एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्‍होंने अपने बिजनेस में नाकामियों का जिक्र किया है. 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखे पत्र में कर्जदाताओं और प्राइवेट इक्विटी पार्टनर के दबाव का जिक्र किया गया है. उन्होंने लिखा था कि बतौर व्यवसायी नाकाम रहा. न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने अपने टि्वटर हैंडल पर सिद्धार्थ के इस आखिरी पत्र को शेयर किया है.

बिजनेस ट्रिप पर गए थे कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ, बीच रास्ते से ही हुए लापता

सिद्धार्थ ने पत्र में लिखा, ”बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा. मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता. एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है. मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था. दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं. आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे. बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे. यह गलत था, जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया.”

” मेरी विनती है कि आप सभी मजबूती से नए मैनेजमेंट के साथ बिजनेस को आगे बढ़ाते रहें. सभी गलतियों के लिए मैं जिम्मेदार हूं. सभी वित्तीय लेन-देनों के लिए मैं जिम्मेदार हूं. मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे ट्रांजेक्शंस के बारे में जानकारी नहीं है. कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए. मैंने परिवार या किसी अन्य को इस बारे में नहीं बताया.”

”मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था. एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा. उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कीजिएगा. हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट संलग्न कर रहा हूं. हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं. इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं.

कंपनी शेयरों में आई 20 फीसदी की गिरावट
कैफे कॉफी डे के चेयरमैन वी.जी. सिद्धार्थ लापता होने के बाद से कंपनी शेयर में 20 प्रतिशत गिरावट आ गई है. बीएसई पर सीसीडी का शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गया और यह 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर 154.05 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है.

कंपनी का प्रबंधन पेशेवर लोगों के हाथ
कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में इसकी पुष्टि की. कंपनी ने कहा, कॉफी डे एंटरप्राइजेज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वी. जी. सिद्धार्थ से कल शाम से संपर्क नहीं हो पा रहा है. हम संबंधित प्राधिकारियों की मदद ले रहे हैं. कंपनी ने कहा, कंपनी का प्रबंधन पेशेवर लोगों के हाथ में है. इसका नेतृत्व प्रतिस्पर्धी लोग कर रहे हैं जो कारोबार का सुचारू संचालन सुनिश्चित करेंगे.

23 साल पहले कॉफी चेन सीसीडी की  शुरुआत की थी 
23 साल पहले देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन सीसीडी की शुरुआत 1996 में बंगलुरु की ब्रिगेड रोड से रखी गई. शुरुआत में कॉफी शॉप को इंटरनेट कैफे के साथ खोला गया. उन दिनों युवाओं को इंटरनेट के साथ कॉफी का मजा खूब भाया. धीरे-धीरे यह कॉन्सेप्ट इतना फेमस हआ कि सीसीडी ने अपने मूल व्यवसय कॉफी के साथ अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया.

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन
शुरुआत में कुछ सालों में कंपनी चुनिंदा कॉफी कैफे खोले और अब यह देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन बनने के साथ विदेश में भी इसके आउटलेट हैं. भारत के 247 शहरों में 1,758 सीसीडी कैफे हैं. सिद्धार्थ के परिवार के पास कॉफी के बागान थे. उनके बागानों में महंगी कॉफी उगाई जाती थी. यहां से ही उन्हें सीसीडी का आइडिया आया. 90 के दशक में जो कॉफी दक्षिण भारत और पांच सितारा होटल्स में चलन में थी, उसे उन्होंने आम लोगों तक पहुंचाने का मन बनाया.