Video Call: वीडियो कॉल आपके अकेलेपन को दूर करने में सहायक होती है. मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं को लगता है कि वीडियो कॉल ने उन्हें महामारी के बीच अकेलेपन से निपटने में मदद की है.Also Read - Tips to Manage Loneliness: अकेलेपन को दूर करने के आसान तरीके, जानें एक्सपर्ट से

क्वालट्रिक्स रिसर्च के सहयोग से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म जूम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 50 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए वीडियो कॉल का उपयोग किया है. Also Read - Shanaya Kapoor ने डेटिंग एप को लेकर बताया ये सीक्रेट, आप भी जाने से पहले जरूर ध्यान रखें

उनमें से आधे से अधिक (52 प्रतिशत) ने आभासी (वर्चुअल) और शारीरिक (फिजिकल) बैठकों के बीच एक विकल्प होने की सराहना की, क्योंकि उन्हें लगता है कि हाइब्रिड कार्यस्थल समय की बचत करेंगे और सुविधा प्रदान करेंगे. Also Read - बुजुर्ग के वीडियो का मामला: ट्विटर के एमडी ने कहा- जांच के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ने को तैयार

इंडिया जूम के महाप्रबंधक और प्रमुख समीर राजे ने एक बयान में कहा, भारत ने वीडियो कॉल प्लेटफार्मों को तेजी से समायोजित करने के साथ अपनाया भी है. यह सिर्फ तकनीक में बदलाव नहीं है, बल्कि व्यवहारिक मानसिकता में भी बदलाव है.

राजे ने कहा, जैसे कि हम एक हाइब्रिड दुनिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जूम उन संगठनों के समाधान के लिए तैयार है, जो शारीरिक सुरक्षा और अपने हाइब्रिड कर्मचारियों की आभासी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. हम भविष्य में वीडियो की भूमिका को देखने के लिए उत्साहित हैं.

भारत में विभिन्न सेक्टर्स में वीडियो कॉल की बात की जाए तो रिपोर्ट में पाया गया है कि सबसे आम उपयोग शिक्षा (72 प्रतिशत), उत्सव/सामाजिक समारोह (62 प्रतिशत), इवेंट्स (59 प्रतिशत), मनोरंजन (58 प्रतिशत), व्यापार (50 प्रतिशत) और एक क्षेत्र, जिसने महामारी के दौरान प्रमुखता प्राप्त की – टेलीहेल्थ (42 प्रतिशत) में देखा जाता है.

रिपोर्ट के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं को लगता है कि आभासी और दूरस्थ गतिविधियों ने उन्हें इस अवधि के दौरान दूसरों के साथ जुड़े रहने में मदद की है, जबकि 75 प्रतिशत ने कहा कि इन गतिविधियों ने भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद की.

15 मार्च से 26 मार्च 2021 तक हुए सर्वेक्षण में अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, जापान, भारत, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के 7,689 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था.