भारत में अपने प्रत्यर्पण की लड़ाई लड़ रहे शराब कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार को सरकार ने 100 प्रतिशत कर्ज चुकाने के उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कहा. साथ ही उन्होंने सरकार से उनके खिलाफ मामले बंद करने की अपील भी की. माल्या ने हाल में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज पर भारत सरकार को बधाई देते हुए अफसोस जताया कि उनके बकाया चुकाने के प्रस्तावों को बार-बार नजरअंदाज किया गया. Also Read - Amphan Cyclone: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान, ओडिशा को एडवांस व्यवस्था के तौर पर दिए 500 करोड़ रुपये

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कोविड-19 राहत पैकेज के लिए सरकार को बधाई. वे जितना चाहें उतने नोट छाप सकते हैं, लेकिन क्या मेरे जैसे छोटे योगदानकर्ता की अनदेखी करनी चाहिए, जो सरकार के स्वामित्व वाले बैंक से लिया गया 100% कर्ज वापस करना चाहता है.’’ Also Read - केंद्र ने Coronavirus के खिलाफ जंग के लिए राज्यों को दिया Rs 15000 करोड़ का इमरजेंसी पैकेज

माल्या बंद हो चुकी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के प्रवर्तक हैं, और 9,000 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में उनकी तलाश है. उन्होंने कहा, ‘‘कृपया बिना किसी शर्त मुझसे धन लीजिए और (मामले को) बंद कीजिए.’’ इस महीने की शुरुआत में माल्या ने भारत प्रत्यर्पण के लिए लंदन हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. Also Read - ननकाना साहिब पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाए भारत सरकार: सोनिया गांधी