कोरोना काल में भारत ने एक मामले में चीन को पछाड़ दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही. मोदी ने कहा कि इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक 2020 में अमेरिका से 154 ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भारत आए जबकि चीन की झोली में 86 प्रोजेक्ट पहुंचे. मलेशिया को 15 और वियतनाम के 12 प्रोजेक्ट मिले. पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत की विकास की संभावनाओं में दुनिया के बढ़ते भरोसे का संकेत है. हमने भारत को अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए मजबूत नींव रखी है. Also Read - BSF का 56वां स्‍थापना दिवस: PM Modi ने दीं शुभकामनाएं- भारत को BSF पर गर्व है, शाह बोले- सैल्‍यूट

उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, कोल सेक्टर में कॉमर्शियल माइनिंग की शुरुआत, स्पेस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने और सिविल एविएशन यूज के लिए डिफेंस पाबंदियों को हटाने के फैसलों से विकास की गति तेज करने में मदद मिलेगी. लेकिन हमें यह समझना होगा कि हम उतना ही तेज विकास कर सकते हैं जितना हमारे राज्य करेंगे. Also Read - काशी: पीएम मोदी ने किया 'देव दीपावली' का आगाज: विपक्ष पर साधा निशाना, 'कुछ लोगों के लिये विरासत का मतलब परिवार से है'

निवेश आकर्षित करने के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा की जरूरत है. राज्य भी ईज ऑफ डूइंग बिजनस रैंकिंग में एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं. निवेश आकर्षित करने के लिए इंसेंटिव ही काफी नहीं है, राज्यों को इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना होगा और विकास के अनुकूल अच्छी नीतियां बनानी होंगी. Also Read - पीएम मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पूजा की, प्रसाद में मिला भस्मी और दुपट्टा, देखें वीडियो

पीएम मोदी ने कहा कि देश इकोनॉमिक रिकवरी के रास्ते पर है. सारे संकेत यही इशारा करते हैं. कृषि में हमारे किसानों ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सरकार ने भी रेकॉर्ड खरीद की है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आय बढ़ने से मांग बढ़ेगी. देश में रिकॉर्ड एफडीआई आया है जो इस बात का संकेत है कि इनवेस्टर फ्रेंडली देश के रूप में भारत की छवि बदल रही है. महामारी के बावजूद इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच 35.13 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निवेश आया. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13 फीसदी अधिक है.

पीएम मोदी ने कहा कि ट्रैक्टर सहित वाहनों की बिक्री पिछले साल के स्तर पर पहुंच रही है या उसे पार कर गई है. यह मांग में तेजी का सूचक है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी रिकवरी से भारत सितंबर में उभरते बाजारों में दो स्थान सुधरकर चीन और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर आ गया. ई-वे बिल्स और जीएसटी कलेक्शन भी ठीकठाक है. ये सारे संकेत इस बात का प्रमाण है कि देश रिकवरी के रास्ते पर है.