Wheat Procurement: खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडे ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दो महीने की अवधि यानी मई और जून, 2021 के लिए लागू किया जा रहा है. इसी तरह के पैटर्न के अनुसार, प्रति माह पांच किलोग्राम प्रति व्यक्ति के अनुसार अतिरिक्त खाद्यान्न लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को दिया जाएगा. भारत सरकार 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का सारा खर्च वहन करेगी. Also Read - Wheat Procurement In UP: गेहूं खरीद में उत्तर प्रदेश सरकार ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

उन्होंने बताया कि विभाग इस योजना की लगातार समीक्षा कर रहा है और व्यापक प्रचार देने के लिए और जारी की गई सलाहों के अनुरूप कोविड-19 से संबंधित सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद ईपीओएस उपकरणों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से खाद्यान्नों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है. 26 अप्रैल को सचिव की ओर से और पांच मई 2021 को संयुक्त सचिव के माध्यम से राज्यों के साथ इस बारे में बैठक भी हो चुकी है. Also Read - Wheat Procurement: पिछले वर्ष के मुकाबले 12.70 प्रतिशत अधिक हुई गेहूं की खरीद

सचिव पांडेय ने बताया कि रबी विपणन सीजन 2021-22 में खरीद सुचारु रूप से चलने के साथ नौ मई तक कुल 337.95 एलएमटी गेहूं की खरीद की गई है, जबकि पिछले वर्ष 248.021 एलएमटी गेहूं की खरीद की गई थी. Also Read - Wheat Procurement in UP: यूपी में सरकार ने अब तक 6.71 लाख किसानों से खरीदा 33.77 लाख मीट्रिक टन गेहूं

उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 34.07 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं जो पिछले साल 28.15 लाख थे. उन्होंने कहा कि खरीद पूरे भारत में 19,030 खरीद केंद्रों के माध्यम से की गई है. उन्होंने कहा कि किसानों को अब देश भर में बिना किसी देरी के अपनी फसलों की बिक्री के खिलाफ प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है.

सचिव ने बताया कि कुल डीबीटी भुगतान में से अब तक 49,965 करोड़ रुपये किसानों के खाते में सीधे हस्तांतरित किए गए हैं और ये गेहूं की खरीद के लिए किए गए हैं. उन्होंने आगे बताया कि पंजाब में 21,588 करोड़ रुपये और हरियाणा में लगभग 11,784 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में स्थानांतरित किए गए हैं.

(IANS)