
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
अगर आप कमाते हैं. आपकी इनकम सरकार द्वारा निर्धारित की गई टैक्स छूट की सीमा में आती है. उस पर TDS कटता है, तो आपको काटे गए TDS का रिफंड लेने के लिए इनकम टैक्स फाइल करना चाहिए.वहीं, इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR को लेकर अक्सर लोगों में कंफ्यूजन होता है. कुछ लोग सोचते हैं कि अगर उनकी सैलरी किसी टैक्स स्लैब में नहीं आती,तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न भरने की कोई जरूरत नहीं है. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अगर आप किसी भी टैक्स स्लैब में नहीं आते और नौकरी करते हैं, तो भी आपको हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना चाहिए. ऐसा करने से आपको 10 फायदे मिलेंगे. कई मामलों में रियायत भी मिलती है.
अगर कोई शख्स सैलरी तो पाता है और टैक्स स्लैब में नहीं आता, लेकिन वह म्यूचुअल फंड, इक्विटी, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य स्कीमों में इंवेस्ट करता है. उससे होने वाली इनकम टैक्स की छूट की सीमा से ज्यादा है, तो आपको ITR भरना ही चाहिए.
ITR भरने से मिलते हैं ये 7 फायदे:-
1. टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए: टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए ITR दाखिल करना जरूरी है. जब आप ITR भरते हैं, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसका एसेसमेंट करता है. अगर रिफंड बनता है, तो वह सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है.
2. बैंक लोन मिलने में आसानी: ITR आपकी इनकम का एक सॉलिड प्रूफ होता है. इसे सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन इनकम प्रूफ के तौर पर देखती है. अगर आप बैंक लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक की तरफ से आपसे इनकम प्रूफ मांगा जाता है. ज्यादातर बैंक पिछले 3 सालों की RTI रिसिप्ट मांगते हैं. ऐसे में अगर आपने रेगुलर बेसिस पर ITR भर रखा है, तो आपको प्रूफ देने में दिक्कत नहीं होगी और आसानी से लोन भी मिल जाएगा.
3. खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए: अगर आप नौकरी नहीं करना चाहते और खुद का बिजनेस या कोई स्टार्टअप करना चाहते हैं, तो भी ITR फाइल करने का प्रूफ आपके काम आएगा. अगर आप किसी विभाग के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहते हैं, तो आपको ITR दिखाना पड़ेगा.ऐसे केसेज में पिछले 5 साल का ITR रिकॉर्ड देना पड़ता है.
4. वीजा के लिए जरूरी: कई देशों की वीजा अथॉरिटी वीजा इश्यू करने के लिए 3 से 5 साल का ITR मांगती है.
ITR के जरिए ये अथॉरिटीज संबंधित व्यक्ति का फाइनेंशियल बैकग्राउंड चेक करती हैं. इससे ये देखा जाता है कि जो शख्स वीजा लेना चाहता है, उसका फाइनेंशियल स्टेटस क्या है.
5.ज्यादा पॉलिसी कवर के लिए: कई लाइफ इंश्योरेंस या दूसरी पॉलिसी वाली कंपनियां ज्यादा कवर के लिए ITR
का रिकॉर्ड मांगती हैं. अगर आप एक करोड़ रुपये का बीमा कवर (टर्म प्लान) लेना चाहते हैं, तो आपसे ITR फाइल करने का रिकॉर्ड मांगा जाता है, ताकि कंपनी को भरोसा हो सके कि आप हर महीने या साल में प्रीमियम देने योग्य हैं या नहीं.
6. इनकम का प्रूफ: आपका ITR आपकी इनकम सोर्स का एक प्रूफ भी है. आप जिस भी कंपनी में काम करते हैं, वो आपको एक फॉर्म देती है. इसे Form 16 कहते हैं, इसमें आपके टैक्स और TDS की डिटेल होती है. इस फॉर्म से साबित होता है कि व्यक्ति की इतनी रुपये की सालाना इनकम है.लोन लेने के लिए आपसे फॉर्म 16 भी मांगा जाता है.
7. एड्रेस प्रूफ के तौर पर आता है काम: ITR की रसीद एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी काम आती है. इनकम टैक्स की तरफ से ये रसीद आपको ईमेल पर या रजिस्टर्ड एड्रेस पर भेजी जाती है. इसे आप अपने इनकम और एड्रेस प्रूफ दोनों के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
अब 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया था. इस बार के बजट में इनकम टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत मिली है.अब नौकरीपेशा लोगों को नई टैक्स रिजीम चुनने पर सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. न्यू टैक्स रिजीम में 4-8 लाख रुपये के इनकम पर 5% और 8-12 लाख रुपये के इनकम पर लगने वाले 10% टैक्स को सरकार 87A के तहत सीधे माफ कर देगी. इसके अलावा 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा. इस तरह नौकरीपेशा लोगों की कुल 12.75 लाख की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी.
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