RBI vs SBI: देश की दो बड़ी वित्तीय संस्थाओं के अफसरों में छिड़ी ऑनलाइन बहस, जानिए क्यों गरमाया ये मामला?

RBI से जुड़े इकोनॉमिस्ट सार्थक गुलाटी ने आरोप लगाया कि SBI की इकोरैप रिपोर्ट में आरबीआई की मौद्रिक नीति रिपोर्ट के कुछ अंश बिना क्रेडिट के इस्तेमाल किए गए हैं. इस पोस्ट को इकोरैप की ओर दुखद बताया गया है.

Published date india.com Published: October 26, 2025 2:09 PM IST
RBI vs SBI
RBI vs SBI

देश की दो बड़ी वित्तीय संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों के बीच सोशल मीडिया लिंक्डइन पर विवाद सा छिड़ गया है. विवाद काम में सही से क्रेडिट नहीं देने का है. SBI के अधिकारी ने भी इसका जबाव दिया है. आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक लेवल के इकोनॉमिस्ट सार्थक गुलाटी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में आरबीआई की मौद्रिक नीति रिपोर्ट (MPR) के कुछ हिस्सें, जैसे पैराग्राफ, चार्ट और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई साइटेशन यानि क्रेडिट नहीं दिया गया है. सरल भाषा में समझें तो RBI के अधिकारी ने दावा किया उनकी रिपोर्ट को प्लेगरिज्म कर यानि बिना क्रेडिट के इस्तेमाल किया गया है. SBI के अधिकारी ने भी इसका जबाव दिया है. एकेडमिट और रिसर्च की दुनिया में प्लेगरिज्म को किसी अपराध से कम नहीं माना जाता है.

RBI vs SBI: Plagiarism issue in report

SBI अधिकारी को जब इस लिंक्डइन पोस्ट की खबर हुई तो उन्होंने इससे आपत्ति जताई. एसबीआई की अधिकारी ने इस घटना को दुखद और सनसनीखेज बताया है. वहीं, इकोरैप टीम की सदस्य तापस परिदा ने बताया कि एसबीआई की रिपोर्ट में साल भर के डेटा से महंगाई के ट्रेंड को दिखाया गया है, जबकि आरबीआई की स्टडी लंबी अवधि का है. तापस परिदा ने दावा किया कि उनकी रिपोर्ट में सोर्स के नाम को दिखाया गया है.

हालांकि, प्लेगरिज्म और साइटेशन का मामला भले ही परेशान करने वाला हो, लेकिन देश की दो बड़ी वित्तीय संस्थान के अधिकारियों के बीच इस तरह का सामंजस्य ना होना, उससे बड़ी चिंता है. हालांकि दोनों वित्तीय संस्थाओं की ओर अधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. वहीं, सार्थक गुलाटी ने भी कहा कि ये उनके निजी विचार है.

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