नई दिल्ली: प्राइवेट और कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम करने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार बड़ा तोहफा देने की योजना बना रही है. इस योजना के तहत कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम करने वाले कर्मचारी अब पांच साल पूरा किए बगैर अपनी  ग्रेच्युटी का पैसा ले सकेंगे. बता दें कि सरकार ने सोशल सिक्योरिटी बिल-2019 में इसका प्रावधान किया है. यदि यह बिल पास हो जाता है तो प्राइवेट और कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम करने वाले लोगों के लिए यह सरकार की ओर से बड़ा तोहफा साबित होगा.

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पेमेंट ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार, वर्तमान में किसी कंपनी में 5 साल तक काम करने के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी के लिए योग्य होता है. यदि कर्मचारी 5 साल से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता. यदि देखा जाए तो यह किसी भी कर्मचारी के लिए एक बेनिफिट प्लान होता है. कानूनी रूप से सभी प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी निकालने की अवधी 5 साल ही होती है. इसमें किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जाता.

बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर मुताबिक, नए बिल के अंतर्गत सरकार काम की श्रेणी के हिसाब से फिक्स्ड टाइम इंप्लॉयमेंट का प्रावधान रख सकती है. सरकार के नए प्रावधान के अनुसार,  देहांत होने पर, दुर्घटना या कोई बीमारी पर 5 साल से पहले  ग्रेच्युटी की राशि निकाली जा सकती है.