World Bank: विश्व बैंक ने भारत में विकास कार्यों की सहायता के मकसद से 80 करोड़ डॉलर से अधिक की लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी. इनमें छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि वृद्धि परियोजना (चिराग), नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन परियोजना का विस्तार तथा दूसरा बांध सुधार और पुनर्वास परियोजना (DRIP-2) शामिल हैं. Also Read - World Bank: मंदी से उबर रही है ग्लोबल इकोनॉमी, 2021 में 4 फीसदी की दर से बढ़ेगी आगेः वर्ल्ड बैंक

विश्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ये परियोजनाएं भारत की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने, छत्तीसगढ़ में जनजातीय परिवारों के लिए पोषक युक्त कृषि को बढ़ावा, नागालैंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा तथा देश के विभिन्न राज्यों में मौजूदा बांधों की सुरक्षा एवं प्रदर्शन में सुधार में मदद करेंगी. Also Read - विश्व बैक का अनुमान, अपने सबसे बुरे दौर से गुजरने वाली है भारतीय अर्थव्यवस्था

विश्व बैंक के भारत में क्षेत्रीय निदेशक जुनैद अहमद ने कहा कि चारों परियोजनाएं टिकाऊ और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के भारत के प्रयासों को संबल प्रदान करेंगी. Also Read - कोरोना संकटः भारत की मदद के लिए विश्व बैंक ने खोली तिजोरी, कुल 15000 करोड़ की सहायता देगा

विज्ञप्ति के अनुसार 10 करोड़ डॉलर की लागत वाली छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि वृद्धि परियोजना सतत उत्पादन व्यवस्था विकसित करेगी, जिससे राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदाय के परिवार पूरे साल विभिन्न और पोषक युक्त खाद्य पदार्थ उपजा सकेंगे.

वहीं, कुल 40 करोड़ डॉलर की लागत वाला त्वरित कोरोना सामाजिक सुरक्षा प्रतिक्रिया कार्यक्रम महामारी से प्रभावित गरीब और वंचित परिवारों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों को गति देगा. यह इस तरह का दूसरा कार्यक्रम है.

विश्व बैंक के अनुसार इसके अलावा 25 करोड़ डॉलर की लागत वाली DRIP-2 परियोजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में मौजूदा बांधों की सुरक्षा और प्रदर्शन में सुधार लाया जाएगा.

विज्ञप्ति के अनुसार 6.8 करोड डॉलर की लागत वाली नागालैंड की कक्षा शिक्षण और संसाधन विस्तार परियोजना का मकसद पठन-पाठन की स्थिति में सुधार लाना है.

(Input from PTI)