Gold Demand Decreases: कोरोना वायरस महामारी और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के कारण दुनियाभर में सोने की मांग (Gold Demand) 11 साल के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में गोल्ड की डिमांड में 19 फीसदी की कमी आई. सोने की मांग में 2009 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है. 30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही में सोने की वैश्विक डिमांड 892 टन रही, जबकि, सप्लाई 1,223.6 टन थी. सोने की सप्लाई मे भी 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. वहीं, भारत में इस तिमाही के दौरान सोने की मांग में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. Also Read - Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमत में भी आई गिरावट, कहीं ये वजह तो नहीं...

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में ज्वैलरी के डिमांड में इस तिमाही 48 फीसदी की कमी आई है और घटकर 52.8 टन पर पहुंच गई. जबकि पिछले साल 101.6 टन गोल्ड ज्वैरली बिकी थी. हालांकि, इवेस्टमेंट के तौर पर सोने की मांग में 52 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. यह सालाना आधार पर 33.8 टन पर पहुंच गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गोल्ड ज्वैलरी और इंवेस्टमेंट के रूप में 30 सितंबर में खत्म हुई तिमाही में गोल्ड डिमांड में कमी आई है, लेकिन यह पिछली तिमाही के मुकाबले बेहतर है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में गोल्ड ज्वैलरी और इंवेस्टमेंट के रूप में सोने की डिमांड में 70 फीसदी की कमी आई थी. Also Read - Video: दुबई से टॉय कार, नेल कटर और फेस क्रीम में छिपाकर लाया था सोना, अधिकरियों ने खोज निकाला

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव ने डाला असर Also Read - Gold prices Today: 2021 की शुरुआत में 42,000 रुपए तक गिर सकती हैं सोने की कीमतें, जानिए क्या है बड़ी वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे कल यानी 3 नवंबर को आ सकते हैं. इसके कारण वैश्विक बाजारों में सोमवार को सोने की कीमतों (Gold prices) में गिरावट देखने को मिली. हाजिर सोने (Spot Gold) की कीमत में 0.2 फीसदी की गिरावट आई है और यह 1,873.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. वहीं, अमेरिका वायदा सोना (US Gold futures) की कीमतों में 0.3 फीसदी की गिरावट आई और COMEX पर 1,875 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर निवेशक कड़ी निगाह बनाए हुए हैं, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स और पोल में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर जो बिडेन (Joe Biden) की बढ़त बताई जा रही है. इसके अलावा यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़े हैं और कई देशों ने दोबारा लॉकडाउन (Lockdown 2.0) लगाने की घोषणा की है. इन वजहों से भी गोल्ड की डिमांड में कमी आई है.

सोने की निवेश मांग में इजाफा

कोरना वायरस महामारी के झटके को कम करने के लिए और सोने की बढ़ी हुई कीमतों का फायदा उठाने के लिए विश्व के कई देशों के सेंट्रल बैंक ने 2010 के बाद से पहली बार सोने की बिकवाली इतने बड़े पैमाने पर की है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के केंद्रीय बैंको ने सितंबर, 2020 में खत्म हुई तिमाही में 12.1 टन सोना बेचा, जबकि एक साल इस अवधि के दौरान 141.9 टन सोने की खरीदारी की गई थी. हालांकि, सोने की मांग कई हुई है, लेकिन इंवेस्टमेंट के तौर पर सोने की मांग गुनियाभर में 21 फीसदी बढ़ी है.

जानिए, सोने की मांग घटने का कारण

बाजार में जब अनिश्चितता रहती है तो निवेशक सोने में निवेश को सुरक्षित मानते हैं. कोरोना वायरस और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के कारण बाजार की ऐसी ही स्थिति है. लेकिन सोने की ऊंची कीमत, कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था में आई मंदी और अमेरिकी चुनाव के कारण निवेशक सोने की खरीदारी से दूरी बनाए हुए हैं और सोने की मांग में पिछले 11 साल में सबसे कम हो गई है.