Yes Bank Vs Dish TV: इलाहाबाद हाईकोर्ट से Yes Bank को मुंह की खानी पड़ी है. हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस के Yes Bank के पास गिरवी रखे Dish TV के शेयरों को फ्रीज करने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने इस मामले में FIR रद्द करने और जांच रोकने से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि वाजिब जांच को रोकना सही नहीं होगा. केस में सबूतों को इकट्ठा करना बाकी है. ऐसे में कोर्ट का दखल सही नहीं है.Also Read - Corona: इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब डिजिटल तरीके से होगी सुनवाई, वकीलों को भी परिसर में घुसने की अनुमति नहीं

हाईकोर्ट ने कहा कि मामला बड़ा है और पर्याप्त मैटेरियल भी नहीं हैं. बिना पर्याप्त मैटेरियल के सही परिप्रेक्ष्य में देख पाना कठिन है. कोर्ट ने यस बैंक को निर्देश दिया कि पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट जाए और वहां से राहत लें. सरकारी पक्ष ने कहा जब केस में पार्टी नहीं है तो फिर दिक्कत क्यों है? बैंक जब FIR में आरोपी नहीं तो FIR रद्द करने की मांग कैसे कर सकता है. सरकारी वकील के YES bank पर बेहद गंभीर किस्म के आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा मैन्यूफैक्चर्ड दस्तावेज से HC को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. Also Read - Dish TV-Yes Bank: प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म की इन्वेस्टर्स को सलाह- डिश टीवी के AGM प्रस्ताव को करें सपोर्ट

डॉ. सुभाष चंद्रा (Dr. Subhash Chandra) ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस में FIR कराई थी. राणा कपूर, वेणुगोपाल धूत और अन्य के खिलाफ केस किया था. धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया था. साजिश के तहत डिश TV-वीडियोकॉन D2H डील कराई गई. बता दें, डिश TV के 24.19% शेयर Yes bank के पास गिरवी रखे हैं. Also Read - Omicron Scare: निर्वाचन आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच आज अहम बैठक; चुनाव को लेकर हो सकता है बड़ा ऐलान